नमाज पढ़ने वाले मुमताज के हाथों के हुनर से निखर रही माता रानी की शानदार चुनरी

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सिलाई मशीन पर अपने पांव को तेजी से दौड़ाते हुए मुमताज भाई मां दुर्गा की चुनरी में गोटा- सितारा लगाने में इस वक्त तल्लीन हैं। नमाज अदा करने के बाद वह मातारानी की चुनरी को सजाने में जुट जाते हैं। इस दौरान उनकी आंखों में चमक देखने लायक होती है। चुनरी का एक एक हिस्सा वह बड़ी बारीकी से सजाते हैं और कहते हैं मातारानी की चुनरी है इसमें अपना पूरा हुनर लगा देता हूं ताकि मां को यह पसंद आ जाए। जी हां, जीवन के सत्तर बसंत देख चुके मुमताज अहमद पिछले बीस वर्षो से मातारानी की चुनरी, परिधान आदि को तैयार करते हैं। उनके द्वारा बनाए गए माता के परिधान की चर्चा दूर दूर तक है। यही कारण है कि दुर्गापूजा के समय मुमताज से मां दुर्गा की चुनरी बनवाने के लिए लोग आते हैं।

पेशे से दर्जी मुमताज अहमद मखमली कालीनों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर कालीन नगरी भदोही के प्रमुख व्यवसायिक नगर गोपीगंज नगर के वार्ड संख्या 17 चुड़िहारी मुहाल उत्तरी के निवासी हैं। मुमताज तमाम धार्मिक प्रयोजनों में प्रयुक्त होने वाले पताका से लेकर अन्य परिधान आदि बनाते हैं। नगर स्थित अपनी दुकान में सिर पर टोपी लगाए सिलाई मशीन के पायदान पर पाव चलाते माता की चुनरी की सिलाई करने में व्यस्त मुमताज से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह करीब बीस वर्ष से धार्मिक प्रयोजन के मौके पर उपयोग में लाए जाने वाले चुनरी, पताका बनाने का कार्य कर रहे हैं।

कहा कि मेरा मानना है कि धार्मिक आयोजन में प्रयोग होने वाली यह सब सामग्री लोगों की आस्था से जुड़ी होती है। ऐसे में जब भी मेरे पास कोई आता है तो वह खुशी-खुशी उनके लिए सामग्री तैयार करता हूं। उन्होंने बताया कि वैसे अब रेडीमेड के दौर में बहुत ही कम लोग आते हैं। बहरहाल जो भी हो लेकिन मा की चुनरी बनवाने आते हैं मेरी कोशिश यही होती है कि अपनी कला का हर रग इसमें भर दूं ताकि मां को वह चुनरी पसंद आ जाए।