मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के अंतिम समय की इच्छा हमलोग पूरी करेंगे। अपने अंतिम दिनों में उन्होंने पत्र के माध्यम से कुछ बातें रखी थीं। उसके लिये हमलोगों ने तुरंत केन्द्र सरकार को इसके संबंध में अनुरोध भेजना प्रारंभ कर दिया है। आज भी प्रधानमंत्री ने कहा है कि रघुवंश बाबू ने जो पत्र लिखा है उसके बारे में हमलोग भी मदद करेंगे। स्व. सिंह के पत्र में केन्द्र से संबंधित मामलों को शीघ्र ही केन्द्र सरकार को समुचित कार्रवाई के लिए भेजा जायेगा।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्व रघुवंश प्रसाद सिंह के पार्थिव शरीर पर बिहार विधान मण्डल परिसर में जाकर पुष्प-चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मीडिया से बातचीत में कहा कि रघुवंश बाबू का एक अनुरोध सिंचाई विभाग से संबंधित है, इस संबंध में जल संसाधन मंत्री को निर्देश दिया गया है कि वे शीघ्र कार्रवाई करें। मनरेगा से संबंधित उनके अनुरोध को भी केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा, ताकि वहां इस पर विचार कर समुचित कार्रवाई की जा सके। उनके नाम पर उनके गांव में सड़क का निर्माण किया जायेगा। उनकी स्मृति को सहेजने के लिये जो कुछ भी संभव होगा, वह किया जायेगा।

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सीएम नीतीश ने कहा कि रघुवंश बाबू का निधन बहुत ही दुखद है। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी। सबसे पहले कोरोना की बात आयी थी, उसके बाद वे ठीक हो गये थे। बाद में कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्यायें आयीं, उसके इलाज के लिये वे दिल्ली गये। एम्स में उनका पूरे तौर पर इलाज चल रहा था। इधर के दिनों में गंभीर बीमारी कैंसर से संबंधित कुछ बात सामने आयी और उसके बाद वे नहीं रहे। पार्थिव शरीर पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के सभापित अवधेश नारायण सिंह, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव समेत राज्य सरकार के मंत्रीगण, विधायक आदि ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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मुख्यमंत्री ने 11 को दिया था रघुवंश प्रसाद सिंह के पत्र का जवाब

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 11 सितंबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के पत्र का जवाब उन्हें भेजा था। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र कहा था कि राज्य सरकार द्वारा भगवान बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालाय सह स्मृति स्तूप की योजना क्रियान्वित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा करीब 300 करोड़ की लागत से बनने वाले इस संग्रहालय के पूर्ण होने पर भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अ‌वशेष को गरिमापूर्ण तरीके से वैशाली में ही प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि भगवान बुद्ध के काबुल संग्रहालय, अफगानिस्तान में रखे पवित्र भिक्षा-पात्र को वैशाली वापस लाने के लिए कार्रवाई करने के अनुरोध से संबंधित आपका पत्र दस सितंबर को प्राप्त हुआ। पूर्व में भी आपने वैशाली के मिट्टी स्तूप (मड स्तूपा) से 1950 के दशक में उत्खनन के दौरान मिले भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष, जो अभी पटना संग्रहालय में प्रदर्शित है, को वैशाली में रखने का अनुरोध किया था।

Source : Hindustan

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