हाजीपुर: बिहार सरकार ने जमीन निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित जिला निबंधन कार्यालय से ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत कई नई डिजिटल एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा
सरकार की सबसे प्रमुख पहल होम रजिस्ट्रेशन सेवा है। इस योजना के तहत अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट उनके घर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेगी और वहीं रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआत में यह सुविधा केवल 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के सुझाव पर सरकार ने इसका दायरा बढ़ाकर 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों तक कर दिया।
डिजिटल तकनीक और AI से होगी पारदर्शी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि निबंधन विभाग में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इससे दस्तावेजों की जांच और निबंधन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनेगी। सरकार का लक्ष्य लोगों को समयबद्ध और आसान सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

पेपरलेस रजिस्ट्री और GIS आधारित सत्यापन की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान राज्य में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था की भी शुरुआत की गई। अब रजिस्ट्री से जुड़े सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे उनके खोने या क्षतिग्रस्त होने की संभावना समाप्त हो जाएगी।
इसके अलावा GIS आधारित भूमि सत्यापन प्रणाली भी लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत जमीन से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और अंचलाधिकारी (सीओ) निबंधन से पहले डिजिटल माध्यम से आवश्यक सत्यापन सुनिश्चित करेंगे।

मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को दिखाई हरी झंडी
नई व्यवस्था के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यूनिट राज्यभर में पात्र वरिष्ठ नागरिकों के घर पहुंचकर जमीन निबंधन की प्रक्रिया पूरी करेगी। मुख्यमंत्री ने इस सेवा का लाभ लेने वाले पहले वरिष्ठ नागरिक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बुजुर्गों का सम्मान और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है।
ईज ऑफ लिविंग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाली की ऐतिहासिक धरती से शुरू हुई यह पहल राज्य में ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वास्थ्य या अन्य कारणों से निबंधन कार्यालय नहीं पहुंच सकते, उन्हें अब घर बैठे सरकारी सेवाओं का लाभ मिलेगा।
15 जुलाई को 213 डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आगामी 15 जुलाई को राज्यभर में 213 नए डिग्री कॉलेजों का एक साथ उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री का हाजीपुर दौरा
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह पहला हाजीपुर दौरा था। अक्षयवट राय स्टेडियम में एनडीए कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने जिला निबंधन कार्यालय पहुंचकर विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का शुभारंभ किया और अधिकारियों को इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।












