बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि पुलिस की वर्दी पहनकर गुंडागर्दी करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर 15 दिनों के भीतर सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी ने यह कड़ा रुख जाहिर किया।

डीजीपी ने कहा कि अपराध और अपराधियों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। यदि कोई पुलिसकर्मी वर्दी में रहकर अपराध जैसा आचरण करता है या किसी आपराधिक घटना में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे न सिर्फ तत्काल जेल भेजा जाएगा बल्कि विभागीय स्तर पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। हाल के दिनों में गया, मोतिहारी, वैशाली के लालगंज और छपरा में पुलिसकर्मियों से जुड़े आपराधिक मामलों पर उन्होंने गंभीर नाराजगी जताई और संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में राज्य में संगीन अपराधों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जमीन विवाद से जुड़े मामलों में अक्सर पुलिस की भूमिका सामने आती है, इसे देखते हुए सभी अंचलों में प्रत्येक शनिवार को भूमि विवाद निपटारे के लिए विशेष बैठक आयोजित की जा रही है। इन बैठकों की कार्रवाई को भू-समाधान पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सभी जिलों को भू-माफिया की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश दिया गया है।

अपराध के आंकड़ों का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि 2025 में डकैती की घटनाएं पहली बार 200 से नीचे आई हैं। वर्ष 2024 में जहां 238 डकैती हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 174 रह गई। इसके अलावा हत्या के मामलों में 8.3 प्रतिशत, लूट में 21.10 प्रतिशत, दंगा में 21.50 प्रतिशत, दुष्कर्म में 8.20 प्रतिशत, बैंक डकैती में 80 प्रतिशत और बैंक लूट में 62.50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि सशक्त और प्रभावी पुलिसिंग के कारण ही अपराध नियंत्रण संभव हुआ है। इसी का परिणाम है कि 2025 में 2024 की तुलना में करीब 50 हजार अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि साइबर थानों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी, लेकिन वहां मानव बल को मजबूत किया जाएगा।
2025 से जुड़े प्रमुख आंकड़े
• सम्मन निष्पादन : 4,28,806
• वारंट निष्पादन : 6,43,448
• इश्तेहार निष्पादन : 74,090
• कुर्की निष्पादन : 38,399
• नक्सलियों की गिरफ्तारी : 134









