बिहार में डस्टबिन और एलईडी लाइट खरीद में करोड़ों रुपये का घोटाला

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सरकार ने नगर निकायों में अब सीधे डस्टबिन और एलईडी लाइट की खरीद पर रोक लगा दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को सूचित कर दिया। अब केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत खरीद की जाएगी।
नगर निकायों द्वारा डस्टबिन और एलईडी की खरीद में अनियमितता उजागर होने के बाद यह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। अभी तक शेरघाटी नगर पंचायत, बेगूसराय नगर निगम और लखीसराय नगर परिषद में अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है। नगर विकास एवं आवास विभाग की जांच में शेरघाटी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार द्वारा अनियमितता बरतने का मामला उजागर हुआ है।

 

पूरे प्रकरण में शासन ने सुशील कुमार को दंडित भी किया है। सुशील को तीन वेतन वृद्धि से वंचित करने के साथ 2015-16 में पदोन्नति से भी वंचित कर दिया गया है। इसी तरह लखीसराय नगर परिषद में भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा से लेकर विधान परिषद तक गूंज चुका है।

 

लखीसराय विधायक और मौजूदा श्रम संसाधन मंत्री विजय सिन्हा मामले को विधानसभा में उठा चुके हैं। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर विभाग ने पूरे मामले में जांच समिति गठित कर दी है। इसी तरह बेगूसराय नगर निगम के मौजूदा मेयर यूपी सिंह निगम प्रशासन के खिलाफ तमाम गड़बडिय़ों से संबंधित गंभीर शिकायत का दस्तावेज सौंप चुके हैं।

 

महत्वपूर्ण यह है कि कई नगर निकायों ने बिहार राज्य आधारभूत संरचना विकास लिमिटेड (बुडको) द्वारा डस्टबिन की आपूर्ति में भी गड़बड़ी की शिकायत की है। ऐसे तमाम वाकये से सबक लेते हुए शासन ने खरीद में धांधली पर नकेल कसने का निर्णय किया है।

 

कैबिनेट से मंजूरी के बाद नई व्यवस्था

नगर विकास एवं आवास विभाग ने खरीद प्रक्रिया को  पारदर्शी बनाने में जुटा है। शीघ्र कैबिनेट से नई खरीद प्रक्रिया पर मंजूरी लेने की तैयारी है। नगर निकायों में अब एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी भारत सरकार की उपक्रम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) को दी जाएगी।

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Source : Dainik Jagran


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