मुजफ्फरपुर जिले के आरडीएस कॉलेज परिसर में मंगलवार को जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने भाग लेकर रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी प्राप्त की।

रोजगार और मार्गदर्शन देने का उद्देश्य
इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उद्यमिता से जुड़ी संभावनाओं के बारे में मार्गदर्शन देना था। मेले में युवाओं को कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के लाभ से भी अवगत कराया गया।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कौशल आधारित शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। यदि युवा अपने कौशल को निखारें और नई तकनीकों के साथ खुद को तैयार करें, तो उनके लिए रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण, ऋण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

यूपीएससी अभ्यर्थियों को स्टडी किट
इस अवसर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच यूपीएससी स्टडी किट का वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन स्टडी किट के माध्यम से अभ्यर्थियों को बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे देश की सर्वोच्च सेवाओं में चयन के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी करने की सलाह दी।

साथ ही मेले में चयनित अभ्यर्थियों को कंपनियों की ओर से नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों को टूल किट
मेले के दौरान सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त बालिकाओं को टूल किट के तहत सिलाई मशीनें वितरित की गईं। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशिक्षित बालिकाएं घर से ही काम कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में युवाओं को कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आज रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है। पारंपरिक नौकरियों के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।
डिजिटल लाइब्रेरी और कैरियर सूचना केंद्र की सुविधा
प्रादेशिक नियोजनालय मुजफ्फरपुर में कैरियर इंफॉर्मेशन सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। छात्र-छात्राएं कार्यालय समय के दौरान यहां अध्ययन कर सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा के माध्यम से अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकते हैं।

35 कंपनियों ने की भागीदारी
इस एकदिवसीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले में कुल 35 कंपनियों ने भाग लिया और करीब 2000 रिक्तियों की अधिसूचना जारी की। मेले में बड़ी संख्या में युवाओं ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त की और साक्षात्कार में भी भाग लिया।

1199 युवाओं को मिल चुका है रोजगार
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक जॉब कैंप के माध्यम से जिले के 1199 अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। जिले के सभी स्किल प्रशिक्षण संस्थानों के लिए प्रादेशिक नियोजनालय मुजफ्फरपुर नोडल कार्यालय के रूप में कार्य करता है, जो विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों की गतिविधियों का निरीक्षण और अनुश्रवण करता है।
यह नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेला युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया गया।







