मुजफ्फरपुर, 6 अगस्त। जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति-सह-जिलाधिकारी कुमार गौरव ने की। समीक्षा बैठक में जिले के स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर चिकित्सकीय सुविधा, निःशुल्क दवा और आवश्यक जांच उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, रेफरल अस्पतालों एवं स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित एवं समय पर उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

छह प्रमुख स्वास्थ्य मानकों पर होगी विशेष निगरानी

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के छह प्रमुख संकेतकों—ओपीडी, आईपीडी, एएनसी रजिस्ट्रेशन, प्रथम तिमाही एएनसी, चौथा एएनसी एवं संस्थागत प्रसव—की प्रखंडवार समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगले माह से प्रत्येक प्रखंड के प्रदर्शन की तुलनात्मक समीक्षा होगी और कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संस्थागत प्रसव और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर

बैठक में चौथे एएनसी के मुकाबले संस्थागत प्रसव की कम उपलब्धि वाले प्रखंडों पर चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के कार्यों की विशेष समीक्षा करने तथा संस्थागत प्रसव में सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों का सरकारी अस्पतालों पर विश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने संस्थागत प्रसव में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। पहले चेतावनी और उसके बाद भी सुधार नहीं होने पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं को पदमुक्त करने की कार्रवाई करने को कहा।

जननी बाल सुरक्षा योजना और स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

जिलाधिकारी ने जननी बाल सुरक्षा योजना के लंबित भुगतानों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के यहां भुगतान लंबित है, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।

ई-संजीवनी और ऑनलाइन परामर्श में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

बैठक में ई-संजीवनी के माध्यम से ऑनलाइन टेली कंसल्टेशन सेवा की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने डॉक्टरवार प्रदर्शन का मूल्यांकन करने, टॉप-5 एवं बॉटम-5 चिकित्सकों की सूची तैयार करने तथा ऑनलाइन परामर्श सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अनावश्यक रेफरल पर लगेगी रोक

जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को सरकार के रेफरल संबंधी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से रेफर नहीं किया जाए। स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध पब्लिक न्यूसेन्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे सम्मानित

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भविष्य में सम्मानित भी किया जाएगा।

इन योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में ओपीडी एवं आईपीडी संचालन, परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, एएनसी, नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय भुगतान, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, रेफरल अस्पताल एवं प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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