मुजफ्फरपुर DM शहर के लिए एक मिसाल कायम कर गए

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मुजफ्फरपुर के पूर्व डीएम मो० सोहेल ने अपने स्थानांतरण के अंतिम दिन पे कुछ ऐसा किया कि सभी शहरवासियों के दिलों में सदा के लिए बस गए।

ज्यादातर बड़े अधिकारियों को आपने कारों के काफिले से जाते हुए देखा होगा मगर मो० सोहेल ने एकदम अलग अंदाज में जनरल बोगी से सफर करके के इस शहर से विदा ली। बाद में उन्होंने टीईटी को बकायदा जुर्माना भरकर अपना टिकट एसी बोगी में अपग्रेड करवाया और सदैव के लिए शहर के हर प्रशासनिक अधिकारी के लिए मिसाल बन गए।

विदाई की बेला में रेलवे जंक्शन पर तमाम वरीय अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक मौजूद थे। इस मौके पर भावुक अधिकारियों ने उन्हें विदाई दी और कहा – सर, आप ही का जिला है। न हम भुलेंगे और न आप भुलाएंगे । इसी उम्मीद से विदा कर रहा हूं…। होठों पर हंसी लेकिन चेहरे की उदासी साफ बता रही थी कि मो. सोहैल तबादले के बाद भी लोगों के दिल से नहीं गए। जिलाधिकारी भी हाथ मिलाते हुए सभी का शुक्रिया अदा किया। दरअसल, तबादले के बाद तो हर किसी की विदाई होती है। लेकिन, जिस तरह से तत्कालीन डीएम बिना किसी तामझाम के विदा हुए वह सभी के दिलों को छू गया। खासकर सरलता, सहजता के साथ 660 रुपये में ट्रेन का टिकट लेकर अकेले जाना अधिकारियों, कर्मचारियों को अलग संदेश दे गया। उन्हें जब पानी का बोतल दिया गया तो उसे भी आग्रहपूर्वक लेने से इनकार कर दिया।

30 अप्रैल 2018 को मुजफ्फरपुर का डीएम बनकर आए थे

वे 30 अप्रैल 2018 को डीएम बनकर यहां आए थे। मात्र नौ महीने आठ दिन में अपने कार्यों से उन्होंने हर किसी को प्रभावित किया। विदाई के बाद जंक्शन पर भी यह बात उन्हें विदा करने पहुंचे अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शुभचिंतकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। अधिकारियों की मानें तो वे किसी से सरकारी आवास पर भी नहीं मिलते थे। सभी के लिए एक ही पैमाना। कलेक्ट्रेट में मिलना और सीधे-सीधे काम पर बात। जिस सादगी के साथ यहां से विदा हुए, वह मिसाल है।

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