MUZAFFARPUR : जिले में आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी वृहद परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने भू-अर्जन और रैयतों को भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व में शनिवार को समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की प्रमुख परियोजनाओं के लिए अर्जित भूमि और भुगतान की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि मुजफ्फरपुर जिले में कुल 17 बड़ी परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं, जिनके भू-अर्जन और भुगतान कार्यों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग 139W के मानिकपुर–साहेबगंज खंड, आदिलवाड़ी–मानिकपुर खंड और बागमती विस्तारीकरण परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मानिकपुर–साहेबगंज खंड के लिए कुल 403 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि में से अब तक 308 करोड़ रुपये का भुगतान रैयतों को किया जा चुका है। वहीं आदिलवाड़ी–मानिकपुर खंड में कुल 23 करोड़ रुपये में से 13 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा बागमती विस्तारीकरण परियोजना के तहत प्राप्त 106 करोड़ रुपये में से 44 करोड़ रुपये का भुगतान रैयतों को हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने इन सभी परियोजनाओं में शेष भुगतान को शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भू-अर्जन और भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। रैयतों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित करने, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी और भू-अर्जन से जुड़े कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर आवश्यक दस्तावेजों का त्वरित संकलन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि भुगतान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।

बैठक में पारू औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए प्रस्तावित 700 एकड़ भूमि के भू-अर्जन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) का प्रारूप प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनसुनवाई की तिथि शीघ्र निर्धारित की जाए, जिसमें रैयतों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित पदाधिकारियों, एसआईए एजेंसी और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो। जनसुनवाई से प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। यह भू-अर्जन पारू अंचल के चांदपुर चिउटाड़ा, चतुरपट्टी, भोजपट्टी, बिशनपुर और सरैया मौजा में प्रस्तावित है।

इसके अलावा जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के पास बूढ़ी गंडक नदी पर पहुंच पथ सहित आरसीसी पुल निर्माण हेतु भू-अर्जन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना के फेज-वन में चंदवारा चादर नंबर एक एवं दो, नाजिरपुर और चकमोहब्बत शामिल हैं, जबकि फेज-टू में चक मोहब्बत, भगवतीपुर और चकमुस्तफा उर्फ सिपाहपुर से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं जिले के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनके समयबद्ध पूर्ण होने से आवागमन में सुधार होगा, औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। जिला प्रशासन रैयतों के हितों की रक्षा करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शालिग्राम साह, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा भू-अर्जन कार्यालय के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD