SAMSTIPUR : समस्तीपुर जिले में एक अभूतपूर्व साइबर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम और फोटो फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र के लिए किए गए एक आवेदन में प्रयुक्त किया गया। इस मामले में जिला प्रशासन ने समय रहते सक्रियता दिखाई और न सिर्फ आवेदन को रद्द किया, बल्कि साइबर थाना में FIR भी दर्ज कराई।

यह आवेदन RTPS (बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत मोहीउद्दीननगर प्रखंड, पटोरी अनुमंडल से प्राप्त हुआ था। सोशल मीडिया पर जब यह आवेदन वायरल हुआ तो उसमें दिए गए विवरण ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया। आवेदन में आवेदक का नाम ‘डोनाल्ड जॉन ट्रम्प’, पिता का नाम ‘फैडरिक क्रिस्ट ट्रम्प’ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो संलग्न थी। साथ ही, एक नकली आधार कार्ड भी लगाया गया था।

महिला राजस्व पदाधिकारी की सजगता से खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रखंड की राजस्व पदाधिकारी, जो एक महिला अधिकारी हैं, ने आवेदन की जांच के दौरान तथ्यों की असंगतता पहचानी। उन्होंने गहनता से दस्तावेजों की जांच कर इसे फर्जी करार दिया और तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित किया।

IPC और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धाराएं:
• 318(4) – दस्तावेजों में जालसाजी
• 336(4) – फर्जीवाड़ा
साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराएं:
• 66(c) – इलेक्ट्रॉनिक पहचान की चोरी
• 66(d) – ऑनलाइन धोखाधड़ी
के अंतर्गत FIR दर्ज की है।

जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि, “सरकारी सेवाओं में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इस तरह के कृत्यों पर ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
डिजिटल प्रणाली में विश्वास और सुरक्षा को लेकर संदेश
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार का प्रशासन न सिर्फ डिजिटल हुआ है, बल्कि सतर्क, उत्तरदायी और सजग भी हो चुका है। यह केवल मज़ाक या सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने की कोशिश नहीं मानी जाएगी – बल्कि इसे एक गंभीर आपराधिक कृत्य के रूप में लिया जाएगा।

आम नागरिकों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सत्य एवं प्रमाणिक दस्तावेजों का उपयोग करें। किसी भी तरह की जानबूझकर की गई गलत जानकारी न सिर्फ आवेदन निरस्त करवा सकती है, बल्कि आपराधिक मुकदमे की वजह भी बन सकती है।







