पूर्व नगर आयुक्त का कारनामा, अंचल इंस्पेक्टर की बहू व बेटे समेत 100 की नियुक्ति

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Nagar Ayukt, Muzaffarpur
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वित्तीय अनियमितता व निगम कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरतने के आरोप में पद से हटाये गये नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन अवैध नियुक्ति करने के कारण लगातार सुर्खियों में हैं. जाते-जाते उन्होंने संविदा पर जिन कर्मियों की बहाली की है, उसका आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया है. 86 कर्मियों की नियुक्ति का पुख्ता प्रमाण नियुक्ति पत्र के साथ निगम के कर्मचारियों को मिल गया है. शेष नियुक्तियों का धीरे-धीरे खुलासा हो रहा है.

तत्कालीन नगर आयुक्त ने जिन कर्मियों की बहाली संविदा पर की है, उनमें अंचल इंस्पेक्टर के बेटे, पतोहू व अन्य रिश्तेदार भी शामिल हैं. इसके ही कई शाखा प्रभारी व तहसीलदार के बेटे की बहाली की गयी है. अंचल इंस्पेक्टर दशई राम के पुत्र नीरज कुमार राउत की बहाली चंदवारा में नव-निर्मित कंपोस्टिंग पीट में समन्वयक के पद पर की गयी है. इनकी बहाली 28 नवंबर की तिथि में है. इसी तरह अन्य कर्मियों की भी बहाली अलग-अलग शाखाओं में की गयी है.

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योगदान देने आये कर्मियों को भगाया
नगर निगम में मंगलवार को दिनभर योगदान देने वाले कर्मियों के आने-जाने का सिलसिला शुरू था. साेमवार को अंचल कार्यालय में इंस्पेक्टरों ने तो योगदान करा दिया, लेकिन नगर निगम की कंप्यूटर शाखा, हेल्पलाइन नंबर, टैक्स, बहलखाना समेत अन्य शाखाओं में करीब ढाई दर्जन कर्मचारी नियुक्ति पत्र लेकर योगदान देने पहुंचे. लेकिन, मामला उजागर होने के बाद शाखा प्रभारियों ने योगदान दिलाने से इंकार कर दिया. कंप्यूटर शाखा में पांच ऑपरेटर को तो खदेड़ कर निगम से भगाया गया.

<डीएम को बहाली रद्द  करने का आदेश
मुजफ्फरपुर/पटना. नगर आयुक्त रमेश प्रसाद रंजन को पद से हटाये जाने के बाद एक दिसंबर व उसके पहले की तिथि में संविदा पर की गयी नियुक्ति के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है. नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह से इसे रद्द करने को कहा है. इसकी   जानकारी मंगलवार को खुद प्रधान सचिव ने प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल  ने पटना पहुंचे महापौर सुरेश कुमार व उप महापौर मानमर्दन शुक्ला को दी.

Source : Prabhat Khabar

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