चैनलों के Exit Poll पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- मैं इस तरह की गपशप में विश्वास नहीं करती
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चैनलों के Exit Poll पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं- मैं इस तरह की गपशप में विश्वास नहीं करती

Santosh Chaudhary

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23 मई को आम चुनाव 2019 के औपचारिक नतीजों का ऐलान होगा। लेकिन एग्जिट पोल के नतीजों से साफ है कि एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है। इन नतीजों से ये भी पता चल रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य दल पर भी मतदाताओं पर उस हद तक असर डालने में कामयाब नहीं रहे हैं।

एग्जिट पोल के नतीजों पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने तंज कसा है। उन्होंने एग्जिट पोल को गॉसिप बताया और विपक्षी दलों से अपील की वो एकजुट रहें और इस तरह के नतीजों पर ऐतबार न करें। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि एग्जिट पोल के नतीजे किस तरह धाराशाई हुए हैं। वो कहती हैं कि भारत का मतदाता ससमझदार है वो अपने दिल की बात नहीं बताता है और इस वजह से आप किसी भी एग्जिट पोल के नतीजे पर भरोसा कैसे कर सकते हैं।

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नहीं होगा रेलवे का निजीकरण, कुछ सेवाओं को किया गया आउटसोर्स : पीयूष गोयल

Santosh Chaudhary

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संसद के शीतसत्र के पांचवे दिन केंद्र सरकार ने उच्च सदन में बताया कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जा रहा है, बस यात्रियों को सहूलियत देने के लिए कुछ सेवाओं की आउटसोर्सिंग हो रही है। केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सदन को बताया कि एक अनुमान के तहत रेलवे को सुचारू रूप से चलाने के लिए अगले 12 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। सरकार के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल है इसलिए यह कदम उठाये जा रहे हैं। गोयल ने कहा, हर दिन बेहतर सेवाओं और रेलवे लाइन्स के लिए सदस्य एक नई मांग लेकर आते हैं। इन्हें पूरा करने के लिए अगले 12 साल के लिए 50 लाख करोड़ रुपये देना सरकार के लिए आसान नहीं है। बजट से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं जिन्हें निपटाने के उपाय करने होते हैं।

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यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिए हजारों नई ट्रेनें शुरू करने और अधिक से अधिक निवेश की आवश्यकता है। ऐसे में अगर निजी निवेशक सरकार के नेतृत्व में इस क्षेत्र में पैसा निवेश करना चाहते हैं तो इसमें क्या गलत है। विभाग का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा। इसे निजीकरण नहीं कहा जा सकता, सिर्फ कुछ सेवाओं को आउटसोर्स किया जा रहा है।

रेलवे कर्मियों पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव

रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगाड़ी ने कहा, हम सिर्फ वाणिज्यिक और ऑन बोर्ड सेवाओं को निजी क्षेत्र से आउटसोर्स कर रहे हैं। स्वामित्व पूरी तरह से रेलवे का होगा और इससे रेलवे कर्मचारी किसी तरह से प्रभावित नहीं होंगे। निजी क्षेत्र के आने से रोजगार और बढ़ेंगे।

Input : Amar Ujala

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पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने रिटायरमेंट के दो दिन बाद ही खाली किया अपना लुटियंस वाला बंगला

Muzaffarpur Now

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पूर्व चीफ जस्टिस (Former Chief Justice) रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने बंगला खाली करने की समय सीमा से एक महीने पहले ही बंगला खाली कर दिया है. आमतौर पर बंगला खाली करने के लिए पूर्व न्यायाधीशों को एक महीना मिलता है. बता दें कि पूर्व चीफ जस्टिस 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए थे. रंजन गोगोई को उनके कार्यकाल के दौरान राजधानी दिल्‍ली के 5 कृष्ण मेनन मार्ग पर बंगला दिया गया था. इस तरह अपने सेवानिवृत्त होने के दो दिन बाद ही बंगला खाली करने वाले गोगोई पहले चीफ जस्टिस हो गए हैं. इससे पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर (Justice JS Khehar) ने रिटायरमेंट के बाद सबसे जल्दी बंगला खाली कर दिया था.

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बता दें कि रिटायरमेंट से पहले रंजन गोगोई ने अयोध्या मंदिर-मस्जिद (Ayodhya temple-mosque case) के जमीनी विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया था. अपने कार्यकाल के आखिरी दिन जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के रूम नंबर एक में कुछ देर के लिए बैठे थे, जहां उन्हें विदाई दी गई और उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया.

अपने भाषण में रंजन गोगोई ने कहा कि अदालती कामकाज में गुंडागर्दी और धमकाने जैसी चीजों के चलते कामकाज का स्तर गिरा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इस बारे में चिंता जताते हुए गोगोई ने कहा कि अदालत की गरिमा को बरकरार रखने की जरूरत है. आपको बता दें कि वर्तमान में देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े (Justice SA Bobde) हैं.

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बत्ती हुई गुल तो फिक्र न करें, बिना बिजली के भी 6 घंटे तक जलेगा ये इनवर्टर बल्ब!

Santosh Chaudhary

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बत्ती गुल हो जाए और अगले कुछ घंटे तक बिजली आने की कोई उम्मीद भी नहीं हो तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मार्केट में जल्द ही इनवर्टर बल्ब दस्तक देने वाला है। यह इनवर्टर बल्ब बिना थमे-रुके 6 घंटे तक रोशनी देगा।

इंडिया एक्सपो मार्ट में इनवर्टर बल्ब हुआ लॉन्च

देश में अभी भी कई इलाके ऐसे हैं, जहां 24 घंटे बिजली की उपलब्धता नहीं हो पाती है। ऐसे में डीजी सेट और इंवर्टर का सहारा लेना पड़ता है। डीजी सेट प्रदूषण करता है और इनवर्टर महंगा होने से हर कोई इसे लगवा नहीं पाता। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे एलईडी प्रदर्शनी में ऐसा बल्ब लांच किया गया है। जो बिजली जाने के छह घंटे के बाद भी जलता रहता है। पावर बैकअप के लिए इसके अंदर बैटरी लगाई गई है। इसमें बैटरी प्रोटेक्शन का विकल्प दिया गया है, जिससे यह ओवर चार्ज और डिस्चार्ज नहीं होता है।

बिजली होने पर इन्वर्टर चलेगा एसी मोड पर

वहीं, बल्ब बनाने वाली कंपनी की निदेशक अंजू जैन ने बताया कि आज भी देहात क्षेत्र में बिजली 24 घंटे नहीं मिल पाती है। आम आदमी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है, जो कि घर में इनवर्टर लगा सकें। ऐसे में इस बल्ब को बनाने का विचार आया। इसे तैयार करने में तीन महीने का समय लगा। इसे आमतौर पर लगाए जाने वाले होल्डर में फिट किया जाता है। बिजली होने पर यह एसी मोड पर चलता है।

ग्रामीण इलाके के लोगों को ज्यादा देगा लाभ

अंजू जैन के मुताबिक, बिजली जाने पर ऑटोमेटिक डीसी मोड पर जाकर जलने लगता है। यह छह घंटे तक पूरी रोशनी देता है। गांव में पावर फ्लेक्चुएशन (वोल्टेज का उतार-चढ़ाव) ज्यादा होता है। यह बल्ब चार केवी तक के बिजली के झटके को आसानी से सह लेता है और फ्यूज भी नहीं होता। ऊर्जा खपत की बात करें तो चार्ज होने के समय नौ वाट बिजली खर्च करता है, जबकि पूरे दिन जलने पर केवल चार वाट बिजली की खपत करता है। इसके एक बल्ब की कीमत करीब 200 रुपये है।

तीन चरण से बिजली बचाएगा यह बल्ब

इस कंपनी ने तीन चरण में काम करने वाला एलईडी बल्ब भी तैयार किया है। इसको एक ही स्विच को तीन बार ऑन-ऑफ करके रोशनी को नियंत्रण किया जा सकेगा। पहली बार स्विच ऑन करने पर यह 15 वाट की रोशनी देगी। जो कि रात के समय पढ़ने व खाना बनाने में काम आएगा। दूसरी बार ऑफ कर ऑन करने से 7 वाट की रोशनी मिलेगी। तीसरी बार यह जीरो वाट की रोशनी देगा।

Input : Dainik Jagran

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