संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को एक ऐसा पोर्टल लांच किया जिसके जरिए आप अपने खोये या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगा सकते हैं। फिलहाल इसका लाभ दिल्ली वासियों को प्राप्त होगा। परंतु आगे चलकर सभी देशवासियों को इस तकनीक का लाभ मिल सकेगा।

इसके लिए सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट लिखाकर खोये या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराना होगा और एफआइआर की कापी सुरक्षित अपने पास रखनी होगी। तत्पश्चात एफआइआर की कॉपी और अपने आइडी प्रूफ के साथ अपने मोबाइल आपरेटर को नया सिम कार्ड देने के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद आइएमईआइ ब्लॉक कराने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन फार्म भरना होगा। इस पर आपको एक रिक्वेस्ट आइडी प्राप्त होगा। इसके जरिए आप पोर्टल पर अपने मोबाइल की स्थिति पर नजर रख सकते हैं। इसके जरिए भविष्य में आप आइएमईआइ को अनब्लॉक भी कर सकते हैं।

इस सुविधा के लिए दूरसंचार विभाग ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्ट्री (सीईआइआर) नाम से एक प्रणाली विकसित की है और उसे सभी मोबाइल आपरेटरों के आइएमईआइ डेटाबेस से कनेक्ट किया है। सीईआइआर में सभी मोबाइल आपरेटर अपने नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट अथवा ब्लॉक किए गए मोबाइल सेट्स का डेटा शेयर करते हैं, ताकि एक नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट या ब्लॉक किया गया मोबाइल फोन दूसरे नेटवर्क पर भी काम नहीं कर सके। ऐसा होने से मोबाइल फोन पाने या चोरी करने वाला व्यक्ति सिम कार्ड बदलने के बाद भी उसका उपयोग नहीं कर पाता है। इससे मोबाइल फोन लौटाए जाने या चोर के पकड़े जाने की संभावना बढ़ जाती है। इस तकनीक पर सितंबर में मुंबई में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू हुआ था।

 

लॉन्चिंग के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि अब दिल्ली और एनसीआर के यूजर्स मोबाइल गुम या चोरी होने पर https://www.ceir.gov.in साइट पर जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हालांकि, लोगों को पुलिस में भी शिकायत दर्ज करानी होगी। टेलीकॉम सचिव अंशु प्रकाश ने बताया कि देश के किसी भी कोने में अगर चोरी हुआ मोबाइल इस्तेमाल किया जा रहा होगा तो उसकी लोकेशन पता चल जाएगी और उसे ट्रेक किया जा सकेगा। जिसके जरिए पुलिस उस मोबाइल तक आसानी से पहुंच सकती है। इससे मोबाइल चोरी की घटनाओं में भारी कमी आएगी।

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