जॉन अब्राहम की फिल्म परमाणु भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित

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फिल्म अभिनेता जॉन अब्राहम ने मुंबई में जागरण.कॉम से हुई विशेष बातचीत में कहा कि उनकी फिल्म ‘परमाणु – द स्टोरी ऑफ पोखरण’ भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित हैl

जॉन की प्रोड्यूस और एक्ट की हुई ये फिल्म इस शुक्रवार को रिलीज़ होगी। इसके पीछे उन्होंने कारण बताया कि इस फिल्म की कहानी को भारतवासियों को बताना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि हमारे देश के तब के वैज्ञानिकों ने आज से बीस वर्ष पहले जो परमाणु बम का टेस्ट कर भारत को सुपर पॉवर बनाने की ओर अग्रसर किया था, वह कहानी कहना बहुत ही आवश्यक थाl इतना ही नहीं इस मौके पर जॉन अब्राहम ने यह भी कहा कि इस फिल्म के लिए सभी ने अपनी फ़ीस की कटौती की हैl इसके पीछे कारण देते हुए जॉन अब्राहम ने कहा कि फिल्म की फीस को सभी ने इसलिए कम लिया क्योंकि यह फिल्म हमारे देश के वैज्ञानिकों और BARC और DRDO जैसी सफल संस्थाओं की मेहनत को दर्शा रही हैl इस मौके पर जॉन अब्राहम ने यह भी कहा कि फिल्म के दृश्यों को असली बनाने के लिए ऐसे सेट बनवाये गए और असल लोकेशन पर फिल्म को शूट किया गयाl गौरतलब है कि फिल्म ‘परमाणु – द स्टोरी ऑफ पोखरण’ भारत के दूसरे परमाणु बम परीक्षण पर आधारित है, जिसे सफल तौर पर भारत ने 1998 में किया था l जिसके बाद भारत का नाम विश्व के उन चुनिंदा देशों के साथ जुड़ गया जो कि परमाणु शक्ति संपन्न देश कहलाते हैं l इस फिल्म में जॉन अब्राहम के अलावा डायना पेंटी की अहम भूमिका हैl वह पहली बार एक ऐसी भूमिका में नजर आ रही हैl फिल्म का निर्देशन अभिषेक शर्मा ने किया हैl वह इसके पहले फिल्म तेरे बिन लादेन जैसी फ़िल्में बना चुके हैl

जॉन अब्राहम की इस फिल्म को लेकर विवाद हो चुका है l इस बारे में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फ्यूचर में कभी भी क्रिअर्ज के साथ अब कोई भी प्रोडक्शन करेंगे, इस पर जॉन ने साफ तौर पर कहा है कि वह कभी भी क्रिअर्ज के साथ काम नहीं करेंगे। किसी भी कीमत पर वह इनलोगों के साथ काम नहीं करेंगे। जॉन कहते हैं “मैं कभी भी इनके साथ काम करने वाला नहीं हूं। इस जन्म में तो क्या अगले जन्म में भी मैं इनके साथ काम करने वाला नहीं हूं”। जॉन कहते हैं इस बार उन्हें इस पूरी घटना से सीख मिली है कि आप फिल्म कैसी भी बनाओ या जिंदगी में भी कैसे भी काम करो, कभी भी ट्रस्ट के बिना आगे नहीं बढ़ना चाहिए और जब आप प्रोफेशनल काम करने जा रहे हैं तो इस बात का पूरा ख्याल रखें कि दोनों पार्टीज में ट्रस्ट होना ही चाहिए।