डेंटल एजुकेशन फोरम एवं इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ डेंटिस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आज एक दिवसीय दंत इम्प्लांट कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश के 26 प्रांतों के विभिन्न शहरों से आए करीब 70 दंत चिकित्सकों ने भाग लिया। यह नॉर्थ बिहार में इम्प्लांट विषय पर आयोजित अपनी तरह की पहली कार्यशाला रही।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. शोभना चंद्रा ने की। उन्होंने बताया कि इम्प्लांट दंत चिकित्सा की आधुनिक और प्रभावी विधि है, जिसमें आसपास के स्वस्थ दांतों को नुकसान पहुंचाए बिना फिक्स दांत लगाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक शुगर, ब्लड प्रेशर और धूम्रपान करने वाले मरीजों में इस उपचार की सफलता अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
कार्यशाला में विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार ने इम्प्लांट लगाने की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। वहीं डॉ. अंजनी कुमार ने इम्प्लांट के दौरान आने वाली समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. संतोष आनंद ने इम्प्लांट के ऊपर दांत लगाने की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद नारायणी मल्टी स्पेशलिटी डेंटल क्लिनिक में मरीजों पर इम्प्लांट प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसे सभी चिकित्सकों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस कार्यशाला को दंत चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

