बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पांच साल बाद आखिरकार पीएचडी एडमिशन टेस्ट की घोषणा हो गई है। छात्र लोजपा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष गोल्डेन सिंह के विवि बंद कराए जाने के साथ ही प्रशासन को परीक्षा के लिए हामी भरनी पड़ी। बुधवार को इसकी घोषणा भी कर दी गई। परीक्षा फॉर्म 11 जनवरी से 11 फरवरी तक भरा जाएगा। विवि ने वर्ष 2012 में पीआरटी कराया था।

BRABU, UNIVERSITY, MUZAFARPUR
PIC BY SOMNATH SATYOM

इस परीक्षा में गड़बड़ी से रिजल्ट लंबित हुआ। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर विवि ने रिजल्ट जारी किया था। इसके बाद से विवि पीआरटी नहीं करा पाया। इधर, पीआरटी कराने की घोषणा के साथ ही आंदोलित छात्रों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशियां बांटीं।

छात्र हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष संकेत मिश्रा ने भी हर्ष जताया। कहा कि लंबी जद्दोजहद व दौड़-भाग के बाद सभी विभागों में सीटों का आवंटन कराया जा सका है। उसके मुताबिक 395 सीटें निकलकर आई हैं।

गौरतलब है कि पीआरटी कराने में टालमटोल से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय खुलते ही कामकाज ठप करा दिया था। अफसरों व कर्मचारियों को बाहर निकालकर सभी गेटों पर ताले जड़ दिए। दो घंटे तक बंदी रही। फिर प्रोवीसी-रजिस्ट्रार ने टेलीफोनिक वार्ता के बाद दिनभर की मोहलत पर विश्वविद्यालय खुल सका। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर उत्तीर्ण हजारों विद्यार्थी शोध कार्य से वंचित हैं। उनमें उच्च शिक्षा के प्रति निराशा का भाव है।

हर साल पीजी में 2510 इनरॉल्ड

छात्र नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय में पीजी की पढ़ाई के लिए 2510 सीटंी हैं, जबकि इसी साल 2782 इनरॉल्ड हुए हैं। इस प्रकार पांच साल में 12550 छात्र-छात्राएं पीआरटी के लिए इनरॉल्ड हुए। इनमें से एक चौथाई भी अगर पीएचडी करने को इच्छुक होंगे तो इसका मतलब ढाई हजार विद्यार्थियों को अब भी पीआरटी के लिए टकटकी लगी है।

विषय      रिक्तियां

इतिहास 10

राजनीति विज्ञान 18

अर्थशास्त्र 10

गृहविज्ञान 11

भूगोल 7

गणित 26

रसायनशास्त्र 51

भौतिकी 49

इलेक्ट्रॉनिक्स 0

जूलॉजी 10

बॉटनी 21

कॉमर्स 5

संगीत 3

दर्शनशास्त्र 41

अंग्रेजी 45

संस्कृत 14

ङ्क्षहदी 0

उर्दू 23

पर्सियन 22

बंगाली 0

मैथिली 11

भोजपुरी 01

पीके एंड जे 0

मनोविज्ञान 14

समाजशास्त्र 03

मैनेजमेंट 0

Input : Dainik Jagran