Nitish Kumar ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। शुक्रवार को उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से बताया कि राज्य सरकार भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर वहां आधुनिक सुविधाओं का विकास करेगी, ताकि सड़क पार करना और पैदल चलना सुरक्षित बन सके।

20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के बाद सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। सात निश्चय-3 (2025-30) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) के तहत राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं। इसी…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) February 21, 2026
मुख्यमंत्री के अनुसार, जिन स्थानों पर यातायात का दबाव अधिक है, वहां फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। योजना बनाते समय सड़क सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण आवागमन की सुविधा मिल सके।

सरकार ने शहरी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित फुटपाथ निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। व्यस्त चौराहों और मुख्य सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य सड़क पार करने वालों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना है।

इसके साथ ही वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सरकारी और निजी दोनों तरह के ड्राइवरों को पैदल यात्रियों के अधिकारों और सड़क अनुशासन के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया जाएगा।

राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) को चिह्नित करने का अभियान चलाया जाएगा। इन जगहों पर आवश्यकतानुसार फुटपाथ निर्माण और सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। कैमरों की मदद से दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। परिवहन विभाग को सड़क सुरक्षा के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में पैदल यात्रियों को अक्सर असुविधा और जोखिम का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षित और सम्मानपूर्वक सड़क पर चलना हर नागरिक का अधिकार है, और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि सड़क पर किसी भी व्यक्ति को भय या असुरक्षा का अनुभव न हो और यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित एवं मानवीय बने।









