बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। नामांकन प्रक्रिया के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को बड़ा झटका लगा है। पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने शुक्रवार को तेजस्वी यादव की मौजूदगी में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का दामन थाम लिया।

आरजेडी में शामिल होने के बाद संतोष कुशवाहा ने कहा कि अब जेडीयू में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए कोई स्थान नहीं बचा है। उन्होंने बिना नाम लिए जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर निशाना साधते हुए कहा, “पार्टी में ऐसे लोगों का वर्चस्व है जो चुनाव हारने के बाद भी राज्यसभा पहुंच जाते हैं। जेडीयू अब चंद लोगों की पार्टी बनकर रह गई है।”

उन्होंने आगे कहा कि जेडीयू के कई नेता विकल्प की तलाश में हैं और अब राज्य की जनता परिवर्तन चाहती है। कुशवाहा ने दावा किया कि इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनना तय है।

गौरतलब है कि संतोष कुशवाहा पूर्णिया से दो बार (2014 और 2019) जेडीयू के सांसद रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव से हार गए थे। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे धमदाहा सीट से आरजेडी उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इस सीट पर वर्तमान में जेडीयू की मंत्री लेशी सिंह विधायक हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कुशवाहा का आरजेडी में शामिल होना सीमांचल की राजनीति पर सीधा असर डाल सकता है, खासकर तब जब जेडीयू के लिए यह इलाका रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।










