दांत और मुंह की बी'मारियों के इ'लाज में सहायता के लिये सरकार ने शुरु किया ‘ई-दंतसेवा ऐप’
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दांत और मुंह की बी’मारियों के इ’लाज में सहायता के लिये सरकार ने शुरु किया ‘ई-दंतसेवा ऐप’

Santosh Chaudhary

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दांत और मुंह की बी’मारियों के इ’लाज में सहायता के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स की मदद से ई-दंत सेवा एप लॉन्च किया है। इस एप की खासियत है कि आम लोग एप पर दांतों और मुंह से जुड़ी समस्याओं से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं और एप पर मौजूद विशेषज्ञ इनके जवाब देंगे।

एम्स के दंत शिक्षा और शोध केंद्र के प्रमुख डॉक्टर ओपी खरबंदा का कहना है कि इस एप को इस तरह विकसित किया गया है कि आपातकालीन स्थिति में भी व्यक्ति अस्पताल पहुंचने से पहले अपनी स्थिति को बिगड़ने न दें। उदाहरण के लिए एप्लीकेशन में विस्तार से बताया गया है कि दांत टूटने पर क्या करें और क्या न करें। साथ ही दर्द को नियंत्रित करने के लिए कौन सी दवाएं लें और कौन सी दवाएं नहीं लें। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को ई-दंत सेवा का उद्घाटन करते हुए इसे देशव्यापी स्तर पर फायदेमंद बताया। दंत चिकित्सा से जुड़ी जानकारियों पर आधारित एक पुस्तिका का ब्रेल लिपि में अनावरण भी किया। ई-दंत सेवा एप में दांतों की सुविधा वाले तमाम उन अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा केंद्रों की सूची दी गई है, जहां डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकृत दंत चिकित्सक मौजूद हैं। जीपीएस सेवा के जरिए मरीज चिकित्सा केन्द्र तक पहुंच सकेंगे।

मिथक की जानकारियां मिलेंगी : एप में मुंह की बीमारियों से जुड़े मिथक और गलत जानकारियों से मरीजों को बचाने के लिए प्रामाणिक वैज्ञानिक स्रोतों से उपलब्ध कराई गई जानकारियों को मुहैया कराया गया है। यहां लोग किसी बीमारी में क्या करें और क्या न करें की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

ई-दंत सेवा पर ऐसे पाएं बीमारी का इलाज

  • -सबसे पहले https://edantseva.gov.in पर क्लिक करें
  • -उसके बाद लेट्स टॉक टीथ (Let’s Talk Teeth) पर क्लिक करें
  • -फिर सिम्पटम चेकर ( Symptom checker) पर जायें, यहां आपको पांच अलग-अलग ऑप्शन मिलेंगे
  • -पहले ऑप्शन लक्षण का चयन (Choose symptom) पर क्लिक करके, मेल-फीमेल, उम्र और लक्षण/बीमारी का चयन करें
  • -इसके बाद लक्षण की जगह का चयन करें, जैसे अगर आपको दर्द है, तो चयन करें कि जबड़े, मुंह या गर्दन कहां दर्द है
  • -इसके बाद उस लक्षण से जुड़े जोखिम कारक का चयन करें। यहां आपको इन लक्षणों के कारण, इलाज, बचाव और जोखिम की जानकारी दी जाएगी
  • -अगर आपको डॉक्टर की जरूरत है, तो डेंटल सुविधा (Dental Facilities) पर क्लिक करें
  • -इसके बाद अपने शहर का नाम और डेंटल सुविधा का चयन करें। यहां आपके निकटतम डॉक्टरों की लिस्ट आ जाएगी।

e-Dant Seva का हेल्पलाइन नंबर

नेशनल डेंटल एंड ओरल हेल्थ आईवीआरएस हेल्पलाइन (1800-11-2032) है, जो वर्तमान में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है। इसे लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डेंटल डिपार्टमेंट के सहयोग से विकसित किया गया है।

लक्षण से खुद मर्ज का पता लगा सकेंगे एप में दांतों और मुंह की बीमारी से पीड़ित लोगों को लक्षणों के आधार पर बीमारी के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। एप में सिम्पटम चेकर की सुविधा है। यहां जाकर मरीज अपने मुंह के हिस्से का चयन करेगा जहां दिक्कत है। इसके बाद अपने लक्षण वहां मौजूद सूची से मिलाएगा। डॉक्टर खरबंदा ने कहा कि लोगों को इससे उनकी बीमारी के बारे में एक हल्का अंदाजा लग सकेगा और उसके बाद वे अपने नजदीकी दंत चिकित्सा केंद्र पर जाकर इसकी जांच करा सकते हैं।

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रोज सोने से पहले खाएं उबला हुआ केला, कुछ ही दिन में दिखाई देगा चमत्कार

Santosh Chaudhary

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केला खाने के फायदों के बारे में तो आपने सुना ही होगा. केले में पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसका सेवन करने के कई फायदे हैं. आयुर्वेद में भी केले के सेवन को ऊर्जावर्धक और बलवर्धक बताया गया है. यदि आप केला नहीं खाते तो आप इसका सेवन शुरू कर सकते हैं. आज हम आपको जिस तरह केले के सेवन के बारे में बता रहे हैं वह आमतौर पर अलग है. शायद आपने ऐसा कभी न किया हो. लेकिन रात को सोने से पहले केला उबालकर खाने से आपको कुछ ही दिन में इसका असर दिखाई देने लगेगा. कुछ लोग शरीर का वजन बढ़ाने के लिए भी केले का सेवन करते हैं.

शरीर को ताकत देता है कैल्शियम

आगे हम आपको केले के औषधीय प्रयोग के बारे में बताने जा रहे हैं. यह प्रयोग आपके लिए बेहद आसान और फायदेमंद है. यदि आपको भी रात में नींद नहीं आने की समस्या है तो केले का सेवन आपके लिए गुणकारी साबित होगा. केले में पाया जाने वाला कैल्शियम आपके शरीर को ताकत तो देता है साथ ही हडि्डयों को भी मजबूत करता है. इसलिए इसे आयुर्वेद में भी हड्डियों को मजबूत करने वाला फल माना गया है.

यदि आपको भी रात में नींद नहीं आने की शिकायत है तो सोने से ठीक पहले छिलके सहित केले की चाय बनाकर पिएं. ऐसा लगातार एक हफ्ते तक करने से आपको रात में अच्छी नींद आएगी. साथ ही आप सुबह को बिस्तर से उठने के बाद खुद को पहले से ज्यादा फ्रेश महसूस करेंगे.

बनाने की विधि

यदि आपको नींद नहीं आने की समस्या है तो एक छोटे आकार के पके हुए केले के साथ ही एक छोटा टुकड़ा दालचीनी और एक कप पानी लें. इसके बाद पानी में दालचीनी डालकर उबाल आने दें. पूरा उबाल आने पर केले को छिलके समेत काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और उबलते हुए पानी में डाल दें. 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाने के बाद छानकर इस पानी को चाय की तरह पिएं.

ऐसा करने से आपको नींद न आने की समस्या में राहत मिलेगी. यदि आपकी नींद रात में खुल जाती है तो भी यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा. शायद आपको यह पता न हो कि इसके छिलके भी बहुत गुणकारी होते हैं. केले के छिलकों में भी मैग्नीशियम और पोटेशियम पाया जाता है. ये दोनों ही नर्वस सिस्टम को रिलेक्स कर नींद लेने में सहायक होते हैं.

Input : Zee News

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क्या आप भी दर्द को नजरअंदाज करते हैं, यह आदत इस रूप में बढ़ा सकती परेशानी

Santosh Chaudhary

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शरीर के किसी हिस्से में अगर दर्द शुरू होता है तो उसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। दर्द अक्सर किसी भी व्यक्ति को जोड़ों से शुरू होता है। इसमें युवाओं के दर्द का सबसे बड़ा कारण सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस होता है। ससमय इलाज नहीं कराने से यह दर्द धीरे-धीरे परेशानी का कारण बन जाता है। उक्त बातें CME(Continuing medical education) में पैथोलॉजी विभाग के डॉ. विवेक कुमार ने बताईं।डॉ. कुमार ने बताया कि दर्द चार प्रकार के होते हैं। इनमें फिजियोलॉजिकल, न्यूरोपैथिक, इनफ्लेमेटरी एवं डिसफंक्शन पेन होता है।

फिजियोलॉजिकल दर्द चोट लगने या किसी बाहरी परेशानी से होता है। न्यूरोपैथिक का दर्द नसों में होता है। इनफ्लेमेटरी में कमर एवं घुटने का दर्द होता है। जबकि डिसफंक्शनल का दर्द शरीर के किसी भी भाग में अचानक बहुत तेज होता है। इस दर्द का चिकित्सक समुचित कारण का पता लगा इलाज करना जरूरी होता है। ऐसा नहीं करने पर मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। उन्हें दर्द से राहत नहीं मिलेगी।

सीएमई कार्यक्रम में डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नीरा कुमारी, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. एसके पाठक, डॉ. शंकर दयाल सिंह, डॉ. महेश प्रसाद, डॉ. दिनेश साह, डॉ. कमल शर्मा, डॉ. रामउग्र प्रसाद, डॉ. तृप्ति सिंह समेत दर्जनों चिकित्सक ने भाग लिया।

Input : Dainik Jagran

 

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मधुमेह, हृदय रोगों के साथ त्वचा और बालों के लिए भी वरदान है लहसुन

Santosh Chaudhary

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लहसुन सिर्फ आपके खाने के स्वाद को ही कई गुना बेहतर नहीं बनाता, यह आपकी खूबसूरती का साथी भी साबित हो सकता है। कैसे लहसुन से निखारें खूबसूरती, बता रही हैं रश्मि उपाध्याय

गभग हर भारतीय रसोई में मौजूद लहसुन एक ऐसी चीज है, जिसका लाभ किसी औषधि से कम नहीं है। कुछ लोग लहसुन की तीखी महक के कारण इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, जबकि लहसुन ढेर सारे गुणों से भरपूर होता है। आयुर्वेद में तो लहसुन के हजारों उपयोग बताये गए हैं। कई एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर लहसुन न सिर्फ हमें मधुमेह, हृदय रोगों, पेट के संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाता है, बल्कि यह हमारी त्वचा और बालों को भी सेहतमंद रखता है। हर किसी की ख्वाहिश होती है कि उसकी त्वचा निखरी हुई हो और बाल घने और मजबूत हों। पर आज के समय में प्रदूषण और खराब जीवनशैली के चलते त्वचा और बालों की सेहत का बिगड़ना भी आम  हो गया है। लहसुन को अपने ब्यूटी रुटीन का हिस्सा बनाकर आप त्वचा और बालों से जुड़ी अपनी आम परेशानियों से छुटकारा पा सकती हैं।

त्वचा में खाज-खुजली, जलन और लाल रैशेज होना आदि कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जो लोगों को आए दिन परेशान करती हैं। अगर आप इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए दवा का उपयोग नहीं करना चाहती हैं तो लहसुन का प्रयोग कर सकती हैं। त्वचा में जहां भी आपको ऐसी समस्या हो रही है, वहां पर लहसुन की एक कली का पेस्ट बनाकर लगा लें। इसके अलावा लहसुन के पेस्ट को दूध या मलाई में मिलाकर लगाने से भी त्वचा की हर तरह की समस्या से छुटकारा मिलता है।

पिंपल्स से अगर आपको तुरंत छुटकारा चाहिए तो शायद लहसुन से बेहतर कुछ नहीं है। इसके लिए आप सफेद सिरके में लहसुन का पेस्ट डालककर उसे अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब इसे एक्ने पर लगाएं और 10 मिनट के बाद धो दें। इससे आपको काफी लाभ होगा। इसके अलावा एक कच्चे लहसुन की कली चबाएं और एक गिलास ठंडा पानी पी लें। इससे भी आपको काफी जल्दी आराम मिलेगा।

अगर आप एंटी र्एंजग और झुर्रियां से बचने के लिए महंगी-महंगी दवा व क्रीम लेकर थक गई हैं तो एक बार लहसुन को आजमा कर देखें। लहसुन में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाये जाते हैं, जो कि झुर्रियों से लड़ने में मददगार होते हैं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लहसुन की एक कच्ची कली नियमित रूप से खाकर भी बढ़ती उम्र में त्वचा को जवां रखा जा सकता है। इसके अलावा लहसुन के पेस्ट को किसी भी फल के रस या गुलाब जल में मिलाकर त्वचा पर लगाने से भी झुर्रियां दूर होती हैं।

लड़कियां ही नहीं, बल्कि लड़कों को भी ब्लैकहेड और वाइटहेड की समस्या होती है। लड़कियों में इस समस्या के बारे में ज्यादा पता इसलिए चलता है, क्योंकि जब वे मेकअप करती हैं तो ब्लैकहेड नाक पर उभरा हुआ नजर आता है। अगर आप सप्ताह में दो बार अपने स्क्रब में लहसुन का पेस्ट या फिर उसका रस मिलाकर स्क्रब करेंगी तो आपकी यह समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा संतरे के छिलके के पाउडर में लहसुन का पेस्ट मिलाकर लगाने से भी ब्लैकहेड और वाइटहेड दूर होते हैं।

लहराते रहेंगे बाल

बालों का असमय सफेद होना आज के समय की सबसे बड़ी समस्या है। इससे बचने के लिए लहसुन के पेस्ट को जैतून के तेल में मिलाकर गर्म कर लें और जब तक धुआं न निकले, गैस बंद न करें। अब इस पेस्ट को ठंडा कर अपने बालों की जड़ों पर लगाएं। सफेद बालों की समस्या दूर हो जाएगी।

कुछ लोगों के बाल इतने कमजोर होते हैं कि हाथ लगाते ही निकल जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए एक कटोरी में लहसुन का रस डालें और पानी की कुछ बूंदे  मिलाकर पतला पेस्ट बना लें। अब हल्के हाथों से इस पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाएं। एक से दो घंटे बाद ठंडे पानी से बाल धो लें। अगर बालों से लहसुन की महक आए तो बालों में नारियल तेल लगा लें।

रूसी और दोमुंहे बालों की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कुछ लोगों में रूसी की समस्या इतनी भयंकर होती है कि खुजली करते वक्त उनके सिर से खून तक निकल आता है। इससे बचने के लिए आप शुद्ध सरसों के तेल में लहसुन का पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण से रात के वक्त बालों की मालिश करें और अगले दिन बाल धो दें। रूसी की समस्या दूर हो जाएगी।

अगर आपके बाल तेजी से गिर रहे हैं तो लहसुन आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। आजकल तनाव और खराब डाइट के चलते गंजेपन की समस्या बढ़ रही है। गंजापन दूर करने के लिए 4 चम्मच लहसुन के रस में करीब 4 चम्मच पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। एक दिन में दो से तीन बार इस पेस्ट को गंजेपन वाली जगह पर लगाएं। 3 से 4 महीने तक ऐसा करने से आपका गंजापन काफी हद तक दूर हो जाएगा।
 

(कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नैचुरोपैथी मेंआयुर्वेदिक डॉक्टर उमाशंकर से बातचीत पर आधारित)

Input : Hindustan

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