बिहार की राजनीति इन दिनों तेज गतिविधियों के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अब उनके इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के बाद वे मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं, जिसके साथ ही राज्य में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

सरकार के स्वरूप को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं—अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, क्या नया डिप्टी सीएम बनेगा और कैबिनेट का गठन कैसे होगा। इन सभी मुद्दों पर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि निर्णय एनडीए की बैठक में लिया जाएगा।

बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद एनडीए के सभी सहयोगी दल मिलकर नई सरकार की रूपरेखा तय करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार गठन का निर्णय शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार शपथ ग्रहण के लिए दिल्ली जाएंगे और वहां से लौटने के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात नरेंद्र मोदी और अमित शाह से भी संभावित मानी जा रही है।

बताया जा रहा है कि एनडीए में इस बात पर सहमति बन चुकी है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा। इसी सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी ने 10 अप्रैल को दिल्ली में अहम बैठक बुलाने की तैयारी की है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार के पटना लौटते ही सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी और आने वाले दिनों में बिहार को नई सरकार मिल सकती है।











