मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में चला हाई वोल्टेज ड्रामा
Connect with us
leaderboard image

MUZAFFARPUR

मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में चला हाई वोल्टेज ड्रामा

Ravi Pratap

Published

on

जिले के सदर अस्पताल में बच्चा बदलने के गलतफहमी को लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ.नवजात बच्चे के माँ के नाम को लेकर हुई गलतफहमी. दरअसल आज सदर अस्पताल में दो बच्चों का जन्म हुआ.एक कि माँ का नाम खुशबू साहिबा था.वही दूसरे के माँ का नाम खुशबू खातून था.बता दे कि खुशबू खातून को लड़कीं हुई थी.

खुशबू साहिबा को लड़का हुआ था.वही अस्पताल के कर्मियों के द्वारा सिर्फ ये बताया गया कि खुशबू को लड़का हुआ है.बच्चे के माँ का पूरा नाम नही बताया गया.जिससे परिजनों में गलतफहमी हो गई.खुशबू खातून के परिजनों ने समझा कि खुशबू खातून को लड़का हुआ है.वही कुछ समय बाद खुशबू खातून के परिजनों ने देखा कि माँ के पास लड़का नही लड़कीं है.

उसके बाद उनलोगों ने अस्पताल परिषर में हंगामा शुरू कर दिया.काफी समझाने के बाद भी खुशबू खातून के परिजन अपने ज़िद्द पर अड़े रहे. वही सदर अस्पताल में हंगामा की सूचना पर मीडियाकर्मी अस्पताल पहुँचे.तब डॉक्टरों ने दोनों बच्चों का बीएसटी दिखाया.जिसमे अस्पष्ट रूप से दोनों के बच्चे का समय व लिंग अंकित था.

जिससे मामला अस्पष्ट हुआ कि खुशबू खातून के परिजनों के द्वारा अस्पताल के कर्मियों पर लगाया जा रहा आरोप गलत है.

रिपोर्ट : अभय राज 

MUZAFFARPUR

प्रशासनिक नियंत्रण से बाहर मुजफ्फरपुर की यातायात व्यवस्था, हर तरफ जाम

Ravi Pratap

Published

on

शहर की मुख्य सड़क हो या गली मोहल्ले, आए दिन शहरवासी जाम में फंसे रहे। किसी की ट्रेन छूटी तो कोई समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाया। जाम में फंसे स्कूली बच्चे बिलखते रहे तो एम्बुलेंस में सवार मरीज जीवन-मौत से जूझते रहे। वाहन सड़कों पर सरकते नजर आए तो पैदल यात्री व्यवस्था को कोसते रहे। ऐसी स्थिति हर दिन होती है।

शहरवासियों को जाम से मुक्ति दिलाने की पहल साल दर साल होती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। वन-वे व्यवस्था लागू की गई, चौक-चौराहों एवं गलियों के मोड़ पर जवान खड़े किए गए। डिवाइडर बनवाए गए, लेकिन जाम के मूल कारणों की अनदेखी कर दी गई। परिणाम, समस्या जस की तस है।

ये हैं जाम के झाम

-अतिक्रमण के कारण सिमट चुकी हैं शहर की सड़कें और चौक-चौराहे
-पार्किंग स्थलों के अभाव में सड़क पर खड़ा किए जाते हैं वाहन

-यातायात नियंत्रण के बने कानून का नहीं हो रहा सख्ती से पालन

-बेवजह सड़क पर खड़े टेलीफोन के खंभे

-बीच रोड पर खड़ा विद्युत पोल

-सड़क किनारे एवं बीच में लगी स्ट्रीट लाइट

-यातायात नियंत्रण के लिए बने ट्रैफिक पोस्ट फल एवं फूल की दुकानों में तब्दील

-लंबे समय से मांग के बावजूद ट्रैफिक डीएसपी की नियुक्ति नहीं

-नो इंट्री के बावजूद शहर में वाहनों का प्रवेश

-सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से लगे होर्डिंग

-जगह-जगह सड़क पर लगे तोरणद्वार

-पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पीएचईडी द्वारा काटी गई सड़क

-सड़क पर डाला गया घर का मलबा

सिमट रहीं सड़कें, बढ़ रहे वाहन

शहर की आबादी बढ़ रही है। बड़े-बड़े मॉल-मार्केट तथा अपार्टमेंट बन रहे हैं। वाहनों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। शहर की सड़कों पर एक लाख से अधिक दोपहिया, 25 हजार से अधिक थ्री व फोरव्हीलर तथा पांच हजार से अधिक रिक्शा समेत प्रतिदिन पांच से सात लाख लोगों का दबाव है। इसके विपरीत अतिक्रमणकारियों एवं अवैध पार्किंग के कारण सड़कों की चौड़ाई लगातार घट रही है। ऐसे में सड़क पर वाहन दौडऩे की जगह सरक रहे हैं।

भीड़ में हांफ जाती है ‘व्यवस्था’ यहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन सड़क पर उतरते हैं। लेकिन, इसके लिए बना ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह से कमजोर है। नतीजा, भीड़ एक तरफ नियंत्रित होती है तो दूसरी तरफ…। जैसे ही भीड़ होती है ट्रैफिक सिपाही हांफने लगते हैं। स्थापना काल से ही यहां का ट्रैफिक सिस्टम बिना ईंधन के वाहन जैसा रहा है। मसलन ट्रैफिक अधिकारी, सिपाही व मूलभूत संसाधनों की कमी। जानकार बताते हैं कि ट्रैफिक कंट्रोल के लिए यहां कम से कम तीन सौ से अधिक सिपाही होने चाहिए, जो नहीं हैं। जो हैं भी उनमें से अधिकतर को ट्रेनिंग देने की जरूरत है।

ये हैं निदान

-जगह-जगह वाहन पार्किंग स्पॉट का निर्माण हो

-सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना होगा

-खराब सड़कों की मरम्मत करनी होगी

-चुस्त-दुरुस्त यातायात व्यवस्था करनी होगी

-स्कूल, ऑफिस टाइम में विशेष सतर्कता बरतनी होगी

-यातायात कानून को कठोरता से लागू करना होगा

-मुख्य सड़क की जमीन छोड़ दुकान एवं मकान बनाने होंगे

Input : Dainik Jagran

Continue Reading

MUZAFFARPUR

मुजफ्फरपुर में सुबह सुबह सड़क दुर्घटना में करीब एक दर्जन यात्री हुए घायल

Ravi Pratap

Published

on

मुजफ्फरपुर में सुबह-सुबह भीषण सड़क दुर्घटना हुई है.जिसमे करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए है.वही कई की हालत नाजुक बनी हुई है.घटना जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र की है.

तेज़ रफ़्तार में स्कार्पियो पटना की तरफ जा रही थी.वही एक ऑटो मुजफ्फरपुर के तरफ आ रही थी.जिस दरमियान कुढ़नी थाना क्षेत्र के चंद्रहठि के पास स्कार्पियो के चालक का नियंत्रण बिगड़ गया.जिस कारण सामने से आ रही ऑटो में सामने से जबरदस्त भिरंत हो गई.वही ऑटो में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए.दुर्घटना के बाद स्थानिए लोगो का मौके पर जमावड़ा लग गया.वही कई स्थानिए आक्रोशित भी हो गए।

आक्रोशित स्थानिए लोगो ने कुछ देर के लिए सड़क को जाम कर दिया. और जमकर बवाल काटा.स्थानिए लोगो के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई.मौके पर पहुँची पुलिस से स्थानीय लोगो की थोड़ी बहुत बहसबाज़ी भी हुई.अन्ततः पुलिस अपने सूझबूझ से मामले को शांत कराई.आनन फानन में पुलिस स्थानिए लोगो के मदद से सभी घायलों को कुढ़नी पीएचसी में भर्ती करवाया.जहाँ कुछ का इलाज चल रहा है.लेकिन गंभीर रूप से घायल यात्रिओ को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.बता दे कि कई सदर अस्पताल से भी यात्रियों की स्थिति नाजुक के कारण उन्हें SKMCH रेफर कर दिया गया है।

रिपोर्ट : अभय राज

Continue Reading

MUZAFFARPUR

मुजफ्फरपुर के SKMCH में हो सकता है AIIMS जैसा हादसा, सबक नहीं ले रहा स्वास्थ विभाग

Ravi Pratap

Published

on

दिल्ली के एम्स में लगी भीषण आग की घटना से बिहार का स्वास्थ्य विभाग सबक नहीं ले रहा है. मुजफ्फरपुर के भी सदर अस्पताल व एसकेएमसीएच में लगातार शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती रहती हैं. इसके बाद भी वार्डों में मरीजों के सिर पर झूलते जर्जर तारों को ठीक नहीं किया जा रहा है.

उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच के महिला वार्ड की ऊपरी मंजिल के वार्ड में बिजली आपूर्ति नहीं थी. लोड नहीं लेने के कारण पंखे नहीं चल रहे थे. अस्पताल कर्मियों की मानें तो जुलाई में बारिश से सदर अस्पताल के सभी वार्डों की वायरिंग में पानी घुस गया था. इस कारण खराबी आ गई है. इलाज करा रहे मरीज के परिजन ने बताया कि बिजली आ ही नहीं रही है. इस कारण पंखे नहीं चल रहे हैं.पू छने पर अस्पताल कर्मी कहते हैं कि तार ठीक नहीं है.

इसी तरह महिला वार्ड व सामान्य वार्ड में कई बेड के ऊपर खुले तार लटकते रहते हैं. हालांकि, इसको मुख्य स्वीच से कनेक्ट नहीं किया गया है. यहां शॉर्ट सर्किट की समस्या होती है. महिला वार्ड के ऑपरेशन थियेटर के मुख्य दरवाजे के ऊपर बिजली वायरिंग जली हुई है. इसके जरिए ही बिजली आपूर्ति हो रही है. प्रसव वार्ड के दरवाजे के ऊपर भी यही हाल है. यहां चार माह पूर्व शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी.

आईसीयू की वायरिंग ठीक है. लेकिन इसके सामने दवा स्टोर के दरवाजे की दीवार के पास मेन स्वीच के तार लटक रहे हैं. सामान्य ऑपरेशन थियेटर के मुख्य दरवाजे की दीवार के बगल में नाले से बिजली का तार सटा हुआ है. अधीक्षक प्रकोष्ठ से सटे ओपीडी कक्षों व प्रसव वार्ड में कई तार लटकते मिले. यहां हर रोज 12 सौ मरीज और उनके परिजन आते हैं.

इस तरह मेडिसीन वार्ड के गलियारे व अंदर दोनों वार्ड में ज्यादातर वायरिंग खराब हो चुकी है. बोर्ड में यदि मोबाइल चार्ज करने या कूलर चलाने के लिए प्लग लगाया जाता है तो चिंगारी निकलती है. कमोबेश यही हाल अन्य वार्डों का भी है. इस तरह की स्थिति ईएनटी जाने के लिए सीढ़ी के पास की है. यहां वायरिंग देखने से ही लगता है कि वर्षों पुराना है.

बर्न वार्ड में भी इस तरह की बदइंतजामी है. अस्पताल कर्मियों ने कहा कि इमरजेंसी से लेकर अन्य वार्डों में लगी कई महंगी मशीनों पर खतरा है. इलाज के लिए मशीनें चालू की जाती हैं तो बोर्ड में प्लग को दबाकर लगाना पड़ता है.

वही अधीक्षक सुनील कुमार शाही ने बताया कि कई बार बिजली वायरिंग को लेकर विभाग को सूचना दी जा चुकी है. इसके बाद भी पहल नहीं हो रही है. मरीजों की सुरक्षा का हवाला देकर भी कई पत्र बिजली विभाग को लिखे जा चुके है. अपितु काम नहीं हो रहा है, तो इसमें क्या किया जा सकता है.

एसकेएमसीएच में पीआईसीयू व ऑपरेशन थियेटर को छोड़कर लगभग सभी 16 वार्डों में बिजली वायरिंग सही नहीं है. इस तरह की स्थिति सदर अस्पताल की भी है. सदर अस्पताल का हाल यह है कि सामान्य ऑपरेशन थियेटर में तार झूल रही है. सबसे खराब स्थिति महिला वार्ड की है. जर्जर वायरिंग से भविष्य में कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.

रिपोर्ट : अभय राज

Continue Reading
Advertisement
MUZAFFARPUR4 hours ago

प्रशासनिक नियंत्रण से बाहर मुजफ्फरपुर की यातायात व्यवस्था, हर तरफ जाम

MUZAFFARPUR5 hours ago

मुजफ्फरपुर में सुबह सुबह सड़क दुर्घटना में करीब एक दर्जन यात्री हुए घायल

MUZAFFARPUR5 hours ago

मुजफ्फरपुर के SKMCH में हो सकता है AIIMS जैसा हादसा, सबक नहीं ले रहा स्वास्थ विभाग

INDIA6 hours ago

चन्द्रयान-2 ने सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया, इसरो के सामने थी ये अहम चुनौतियां

BIHAR8 hours ago

बाहुबली विधायक की गिरफ्तारी के लिए पटना से लेकर बाढ़ तक बैक टू बैक छापेमारी

MUZAFFARPUR8 hours ago

मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर लड़कीं का आ’पत्तिजनक फोटो डालना युवक को पड़ा महंगा

MUZAFFARPUR9 hours ago

मुजफ्फरपुर में एईएस से प्रभावित क्षेत्रों का होगा सर्वेक्षण

BIHAR19 hours ago

अनंत सिंह को तोड़ना नहीं बल्कि झुकाना चाहती है सरकार! पकड़ने के लिए नहीं, दबाव बनाने के लिए की गयी थी छापेमारी!

MUZAFFARPUR20 hours ago

मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर पानी के जगह बिकती है शराब

MUZAFFARPUR21 hours ago

दामोदरपुर बवाल के ढाई दर्जन आरोपित गांव छोड़ फरार

BIHAR4 weeks ago

बिहार में अब नहीं चलेगा पक’ड़़उआ ब्याह, कोर्ट ने इंजीनियर की शादी कर दी कैंसिल

INDIA2 days ago

आपका ATM कार्ड बुरे वक्त में देगा साथ, मिल जाएंगे 10 लाख रुपए

BIHAR24 hours ago

22 साल का दूल्हा और 50 साल की दुल्हन, जानिये अजब प्रेम की गजब कहानी

INDIA4 weeks ago

UGC ने इन 23 यूनिवर्सिटी को फर्जी घोषित किया, देखें लिस्ट

BIHAR4 days ago

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के घर से AK-47 बरामद

BIHAR4 weeks ago

मधुबनी में आसमान से गिरा पत्थर पहुंचा पटना, सीएम नीतीश ने बड़े ही करीब से देखा-परखा

INDIA4 weeks ago

राखी से ठीक एक माह पहले बहन ने भाई को दिया जिंदगी का तोहफा

BIHAR1 week ago

न्यूजीलैंड वित्त मंत्रालय में विश्लेषक बनीं मुजफ्फरपुर की बेटी शेफालिका, गांव में खुशी की लहर

INDIA4 weeks ago

साक्षी मिश्रा ने बनाया नया इंस्टा अकाउंट, खुद को बताया अभि की टाइग्रेस, भाई के लिए रक्षाबंधन की पोस्ट

MUZAFFARPUR3 weeks ago

बाल-बाल ब’चे DGP गुप्तेश्वर पाण्डेय, बस ने मारी टक्क’र

Trending

0Shares