सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित मां जानकी की जन्मस्थली पर आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। शुक्रवार दोपहर 3 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर काशी और मिथिला के विद्वान आचार्यों की देखरेख में धार्मिक अनुष्ठान होगा।

इस कार्यक्रम को लेकर मिथिलांचल समेत सीतामढ़ी और जनकपुर में विशेष उत्साह का माहौल है। देश के विभिन्न भागों से साधु-संतों का आगमन हो चुका है। आयोजन के अनुसार, गृह मंत्री दोपहर 2:40 बजे पुनौराधाम पहुंचेंगे और पूजा के बाद मुख्यमंत्री के साथ भूमि पूजन करेंगे। इसके बाद वह नेपाल से आए साधु-संतों से मुलाकात करेंगे तथा अमृत भारत ट्रेन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे।

पुनौराधाम को भव्य तरीके से सजाया गया है। जयपुर से चांदी का कलश, दिल्ली से पूजन सामग्री, 21 तीर्थों की मिट्टी और 31 नदियों का जल विशेष रूप से मंगवाया गया है। पूजन के बाद महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से गंगा जल सहित 11 नदियों के जल से संकल्प स्नान कर श्रद्धालुओं के बीच तिरुपति बालाजी के लड्डुओं का वितरण किया जाएगा।

मंदिर निर्माण पर कुल 883 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे नीतीश सरकार द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है। मंदिर 67 एकड़ क्षेत्र में बनेगा और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। परिसर में श्रद्धालुओं के लिए संग्रहालय, ऑडिटोरियम, वाटिकाएं, धर्मशालाएं, खेल क्षेत्र, कैफेटेरिया, मिथिला हाट जैसी आधुनिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण 165.57 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।

शिलान्यास कार्यक्रम में अयोध्या, जनकपुर और दक्षिण भारत से आए प्रमुख संतों की उपस्थिति कार्यक्रम को और भी पवित्र और भव्य बनाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।








