पटना: बिहार में जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया अब शुल्क आधारित होगी। राज्य सरकार ने भूमि दाखिल-खारिज से जुड़ी सेवाओं पर 200 रुपये का शुल्क निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में लाए गए बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंगलवार को सदन की स्वीकृति मिल गई।

संशोधित कानून के तहत अब प्रत्येक दाखिल-खारिज आवेदन के अलावा अपील और पुनरीक्षण याचिकाओं पर भी निर्धारित शुल्क देना होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और भूमि संबंधी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि विभिन्न विभागीय बैठकों में यह महसूस किया गया कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए नाममात्र का शुल्क निर्धारित किया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से कानून में संशोधन किया गया है।

उन्होंने बताया कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार राज्य सरकार विशेष या सामान्य आदेश जारी कर इस शुल्क में संशोधन भी कर सकेगी। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से भूमि अभिलेखों के प्रबंधन में सुधार होगा और राजस्व प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।













