बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुजफ्फरपुर के कुढ़नी से भाजपा विधायक केदार प्रसाद गुप्ता चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। इससे पहले भी वे नीतीश कुमार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। संगठन में सक्रिय भूमिका, मजबूत जनाधार और वैश्य समाज में प्रभावशाली पकड़ ने उन्हें भाजपा के भरोसेमंद नेताओं में शामिल कर दिया है।

केदार प्रसाद गुप्ता ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत स्तर से की थी। वे करीब 15 वर्षों तक मुखिया पद पर रहे और इसी दौरान ग्रामीण इलाकों में अपनी मजबूत पहचान बनाई। जमीनी राजनीति में सक्रियता और लोगों से लगातार जुड़े रहने की वजह से उनकी पकड़ क्षेत्र में मजबूत होती चली गई।

भाजपा के टिकट पर केदार गुप्ता पहली बार वर्ष 2015 में कुढ़नी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ जनता के बीच लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। हालांकि 2020 विधानसभा चुनाव में उन्हें बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। राजद उम्मीदवार अनिल सहनी ने उन्हें मात्र 712 वोटों से हराया था।

चुनाव हारने के बावजूद केदार गुप्ता ने क्षेत्र से दूरी नहीं बनाई। वे लगातार जनसंपर्क अभियान चलाते रहे और कार्यकर्ताओं के साथ सक्रिय बने रहे। इसका फायदा उन्हें वर्ष 2022 के कुढ़नी उपचुनाव में मिला, जब भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया। उन्होंने महागठबंधन उम्मीदवार को हराकर सीट भाजपा की झोली में डाल दी।
15 मार्च 2024 को बिहार मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने विभागीय स्तर पर कई योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी सक्रियता को भाजपा नेतृत्व ने सकारात्मक रूप में देखा।

केदार प्रसाद गुप्ता कनू (हलवाई) समाज से आते हैं, जिसे बिहार में भाजपा के अहम सामाजिक समीकरणों में माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों और पिछड़े वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पार्टी उन्हें ओबीसी और वैश्य वोट बैंक के मजबूत चेहरे के रूप में आगे बढ़ा रही है।

मुजफ्फरपुर जिले से जुड़े केदार गुप्ता की शुरुआती शिक्षा स्थानीय स्कूलों में हुई। बाद में उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2012 में विनायका मिशन यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। राजनीति के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

कुढ़नी उपचुनाव में जीत और संगठन के प्रति निष्ठा ने भाजपा में उनका कद लगातार बढ़ाया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट में शामिल किया जाना इसी राजनीतिक भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
Input : Dainik Bhaskar









