मुजफ्फरपुर जंक्शन पर बुधवार देर शाम आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मभूमि एक्सप्रेस (12407) में छापेमारी कर 20 बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इस दौरान पूर्णिया जिले के तीन मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। मुक्त कराए गए बच्चों में अधिकतर पूर्णिया और खगड़िया के रहने वाले हैं।
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आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष कुमार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पूर्णिया के टीकपट्टी थाना क्षेत्र के छर्रापट्टी निवासी नीतीश कुमार और श्रीनंदन कुमार तथा भवानीपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर निवासी सनोज कुमार के रूप में हुई है। तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे बच्चों को लुधियाना और अंबाला ले जाकर खेतों और फैक्ट्रियों में मजदूरी कराने की योजना बना रहे थे।
बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधियों से मिली सूचना के आधार पर आरपीएफ ने कार्रवाई की। तस्करों ने बच्चों के परिजनों को हर महीने 10 से 12 हजार रुपये मजदूरी दिलाने का झांसा दिया था। सभी बच्चे कटिहार के बारसोई स्टेशन से कर्मभूमि एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सवार हुए थे। दो समूहों में बच्चों को ले जाया जा रहा था—नीतीश और श्रीनंदन के साथ 10 बच्चे थे, जबकि अन्य सनोज के साथ थे। इनमें नौ बच्चे छर्रापट्टी गांव के ही रहने वाले थे।
मुक्त कराए गए बच्चों के नाम-पते की पुष्टि कर उनके परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। आरपीएफ ने मानव तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।