IIT छात्रों ने बनाया नोट पहचानने वाला ऐप, 9 सेकेंड में मिल जाएगी सारी जानकारी

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ऐप को आईआईटी रूपनगर के असिस्टेंट प्रोफेसर के छात्रों मंदत्या सिंह, जूही चौहान ने तैयार किया है. इस ऐप की ख़ास बात यह है कि यह सभी तरह के भारतीय करेंसी के नोटों को निश्चित किए गए समय 3 से 9 सेकेंड के भीतर पहचान कर बता देगी. ऐप किसी भी परिस्थिति में मोबाइल फोन के सामने रखे गए नोट की पहचान करने में सक्षम होगी. यह आप नए तथा पुराने सभी नोटों को पहचानती है और इसे गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकेगा.

इस मौके डायरेक्टर प्रोफेसर सरित के. दास और डॉ पुनीत गोयल ने बताया कि डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक संसार भर में 1.3 बिलियन लोग नेत्रहीन हैं और उनमें से 36 मिलियन अंधेपन के शिकार है और इनमें से तीसरा हिस्सा भारत का निवासी है. उन्होंने बताया कि अंधापन के शिकार इन लोगों को भारतीय करेंसी नोटों की पहचान करने में काफी मुश्किल होती है और नोट बंदी के बाद जब नए नोट भारतीय करेंसी के बना दिए गए हैं. इनकी पहचान करना और भी मुश्किल हो गया है. इसलिए नेत्रहीन लोगों के लिए इस ऐप के जरिए करेंसी के नोटों की पहचान करने में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया की दिसंबर 2017 में हाई कोर्ट ने भी कहा कि नए करेंसी नोट दृष्टिहीन लोगों के अनुकूल नहीं हैं.

आईआईटी रूपनगर लैब के मेम्ब्रेन ने इंस्टिट्यूट ऑफ़ ब्लाइंड चंडीगढ़ का दौरा कर इस एप्लिकेशन का सफल परीक्षण किया है. उन्होंने बताया कि इस ऐप को तैयार करते वक्त अलग अलग करेंसी नोटों के 13 हजार के करीब चित्रों का डाटाबेस तैयार किया गया, ताकि यह नोट चाहे किसी भी परिस्थिति में हो मुड़ा हुआ हो या खुला हुआ हो अंधेरे में हो या रोशनी में हो आगे पीछे हो किसी भी एंगल से नोटों की पहचान कर सकेगी.

इस मौके चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लाइंड से पहुंचे छात्रों तथा टीचर ने कहा कि ब्लाइंड लोगों के लिए वरदान साबित होगी. उन्होंने बताया कि अब ब्लाइंड लोग बिना किसी की मदद के अपने एंड्रॉयड फोन से के जरिए इस एंड्रॉयड ऐप का इस्तेमाल कर नोटों की पहचान कर सकेंगे.

Input-News 18