पटना, 10 अगस्त 2025 — बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1 करोड़ 12 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 1247.34 करोड़ रुपये की राशि डिजिटल माध्यम (DBT) से हस्तांतरित की। इस अवसर पर पेंशनधारियों को जुलाई माह की ₹1100 प्रति लाभार्थी की पेंशन सीधे उनके खाते में भेजी गई।

समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने जानकारी दी कि विभाग, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, सभी पात्र पेंशनधारियों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने पेंशन संबंधी जानकारी व शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 18003456262 भी जारी किया है। कार्यक्रम राज्य के सभी 38 जिलों में आयोजित हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी और लाभार्थी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून 2025 से पेंशन की राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 प्रति माह कर दी गई है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर महीने की 10 तारीख को राशि समय पर लाभुकों के खाते में पहुंचे, ताकि उन्हें सुविधा हो और कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।

सरकार के अनुसार, जुलाई माह में लगभग 1 लाख नए लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है। राज्य में फिलहाल 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें से 3 केंद्र सरकार और 3 राज्य सरकार की हैं। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, बिहार निःशक्तता पेंशन योजना और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना शामिल हैं।

विभिन्न योजनाओं के तहत आज स्थानांतरित राशि का विवरण इस प्रकार है—
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: 35,62,501 लाभार्थी, ₹391.98 करोड़
• राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना: 6,35,553 लाभार्थी, ₹70.17 करोड़
• राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना: 1,10,744 लाभार्थी, ₹12.18 करोड़
• लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: 8,74,433 लाभार्थी, ₹97.16 करोड़
• बिहार निःशक्तता पेंशन योजना: 9,72,057 लाभार्थी, ₹107.58 करोड़
• मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना: 50,63,557 लाभार्थी, ₹568.24 करोड़
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री समेत उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, और अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यभर के जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि व लाभार्थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।







