ई दिल्ली। भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल करते हुए जापान को पीछे छोड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के ताजा आँकड़ों के अनुसार, भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह घोषणा नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को की। वह 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।

बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था अब 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के पार पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा, “यह मेरा नहीं, बल्कि IMF का डेटा है। अब केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी भारत से आगे हैं। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और यदि यही गति बनी रही तो अगले दो से तीन वर्षों में भारत तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन सकता है।”

IMF की अप्रैल 2025 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2026 तक भारत की GDP लगभग 4,187 अरब डॉलर हो जाएगी, जबकि जापान की GDP 4,186 अरब डॉलर के आसपास रहने की संभावना है। भारत 2024 तक दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था।
IMF का यह भी आकलन है कि भारत वर्ष 2025 और 2026 में क्रमशः 6.2% और 6.3% की दर से आर्थिक वृद्धि दर्ज करेगा, जो कि वैश्विक औसत वृद्धि दर (2025 में 2.8% और 2026 में 3%) से काफी अधिक है।

‘विकसित भारत 2047’ की ओर निर्णायक पहल
इस बैठक का प्रमुख विषय ‘विकसित राज्य से विकसित भारत 2047’ रहा, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच कई रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र, ग्रामीण और शहरी गैर-कृषि गतिविधियाँ, अनौपचारिक अर्थव्यवस्था और हरित व सर्कुलर अर्थव्यवस्था जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई।
सीईओ सुब्रह्मण्यम ने कहा, “भारत एक निर्णायक मोड़ पर है। हम टेक-ऑफ स्टेज पर हैं और हमारी अर्थव्यवस्था अब बेहद तेज़ी से आगे बढ़ने की स्थिति में है।”










