अंडर 19 वर्ल्ड कप में चैंपियन बना भारत, अनुकूल के शानदार प्रदर्शन पर झूमा बिहार

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अंडर-19 क्रिकेट विश्‍व कप में ऑस्‍ट्रेलिया पर शानदार जीत दर्ज की टीम इंडिया विश्‍व चैंपियन बन गया है. सलामी बल्‍लेबाज मनजोत कालरा के शानदार शतक से टीम इंडिया ने 217 रन के लक्ष्‍य को आसानी से हासिल कर लिया. कप्‍तान पृथ्‍वी शॉ ने पारी की शुरुआत में काफी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कालरा का साथ दिया, लेकिन वे ज्‍यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक पाये.

सलामी बल्‍लेबाज के रूप में कप्‍तान पृथ्‍वी शॉ और मनजोत कालरा ने शानदार शुरुआत दी. हालांकि कप्‍तान शॉ 41 गेंद में 29 रन बनाकर पवेलियन लौट गये. वहीं कारला बेहतरीन बल्‍लेबाजी करते हुए 48 गेंद में अपना अर्द्धशतक पूरा किया. पृथ्‍वी की जगह कालरा का साथ देने शुबमन गिल क्रीज पर हैं. गिल 19 गेंद पर 26 रन बनाकर खेल रहे हैं.

217 रन के लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बल्‍लेबाजी की शुरुआत अच्‍छी की है. मनजोत कालरा और कप्तान पृथ्वी शॉ की जोड़ी ने 4 ओवर की समाप्ति पर टीम के लिए 23 रन जोड़े. ओवर के समाप्ति के बाद ही हल्‍की बारिश की वजह से खेल रोक दिया गया. सलामी बल्लेबाज मनजोत कालरा 9 और कप्तान पृथ्वी शॉ 10 रन बनाकर खेल रहे थे.

अंडर 19 वर्ल्डकप के फाइनल मुकाबले में आज आस्ट्रेलिया ने भारत को जीत के लिए 217 रन का लक्ष्य दिया. आस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 47.2 ओवर में दस विकेट खोकर 216 रन बनाये हैं. भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और आस्ट्रेलिया को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोक दिया.

ऑस्ट्रेलिया का अंतिम विकेट शिवम ने लिया. उन्होंने Ryan Hadley को हार्विक के हाथों कैच लपकवाया. इससे पहले भारत को नौंवी सफलता रन आउट के रूप में मिली. शिवा सिंह डीप विकेट पर खड़े थे. होल्ट ने बड़ा शॉट खेला. शिवा ने कैच करने की कोशिश की पर वह सफल नहीं हुए पर उन्होंने गेंद सीधी हार्विक को गेंद पास की औऱ होल्ट रन आउट हो गये.

नौवां विकेट Baxter J Holt का गिरा. वे रन आउट हो गये.

भारत की ओर से ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट अनुकूल रॉय  ने लिया जबकि आठवां विकेट कमलेश नागरकोटी ने अपने नाम किया. अनुकूल रॉय ने मरलो को पवेलियन वापस भेजते हुए भारत को सातवीं सफलता दिलायी. 46वें ओवर की तीसरी गेंद पर मरलो ने बैकवर्ड पॉइंट पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की थी. गेंद सीधा शिवा के हाथों में गयी. वे 76 रनों की पारी खेलकर आउट हुए.

शिवा ने ही ऑस्ट्रेलिया का छठा विकेट झटका. सदरलैंड को उन्होंने हार्विक के हाथों कैच लपकवाकर पवेलियन रवाना किया. शिवा की गेंद पर सदरलैंड कैच आउट हुए. विकेटकीपर हार्विक देसाई ने शानदार फील्डिंग करते हुए कैच लपका. भारत अब मैच में वापसी करता दिख रहा हैं

ऑस्ट्रेलिया का पांचवां विकेट Nathan McSweeney के रूप में गिरा. वे शिवा की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठे. अपनी टीम में  Nathan ने 23 रन जोड़े.

ऑस्ट्रेलिया का चौथा विकेट गिरा. अनुकूल रॉय ने अपनी ही गेंद पर Uppal का कैच पकड़ा. Uppal 34 रन बनाकर आउट हुए.  अनुकूल रॉय ने 28वें ओवर की पांचवीं गेंद पर स्लो गेंद फेंकी औऱ कॉट एंड बोल्ड हो गये. उप्पल और जोनाथन के बीच 75 की साझेदारी हो गयी थी.

#भारत को तीसरी सफलता मिल चुकी है. कमलेश नागरकोटी ने जेसन का विकेट लिया. जेसन का कैच हार्विक ने लपका.12वें ओवर की चौथी गेंद पर कप्तान जेसन सांघा हार्विक देसाई को कैच दे बैठे. 24 गेंदों में 13 रन बनाकर कप्तान आउट हुए. उनकी जगह जोनाथन मैदान पर आये हैं

जैक एडवार्ड्स भारत के लिए खतरा बनते जा रहे थे, लेकिन उनको भी इशान पोरेल ने पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. वे 28 रन बनाकर आउट हुए. शॉट लेंथ की गेंद पर जैक बड़ा शॉट खेलना चाहते थे लेकिन गलत टाइमिंग के चलते गेंद कवर में सीधा कमलेश नागरकोटी के हाथों में गयी.

छठे ओवर में भारत को पहली सफलता मिली. ब्रायंट 14 रन बनाकर आउट हुए. इशान पोरेल के ओवर की पहली गेंद पर ब्रायंट ने कवर पॉइंट पर शॉट खेला और गेंद अभिषेक शर्मा के हाथों में गयी. भारत के लिए यह बड़ी सफलता है. ब्रायंट की जगह जेसन सांघा क्रीज पर पहुंचे हैं.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप का फ़ाइनल मैच बे ओवल में जारी है. डे नाईट के इस मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया है. दोनों ही टीमों ने अपने अंतिम इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है.

भारतीय टीम

पृथ्वी शॉ, मनजोत कालरा, शुभमन गिल, हार्विक देसाई,रियान पराग,अभिषेक शर्मा, अनुकूल रॉय, कमलेश नागरकोटी,शिवम मावी, शिवा सिंह, इशान पोरेल

क्या है रिकार्ड

भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने अब तक तीन-तीन बार खिताब अपने नाम किया है और चौथे खिताब के लिए टक्कर जारी है. ऑस्ट्रेलिया ने 1988, 2002 और 2010 में विश्व कप खिताब जीता है, तो भारत ने 2000, 2008 और 2012 में ये खिताब अपने नाम किया. 2006 और 2016 में भारतीय टीम को फाइनल में हार का मुंह देखना पड़ा था.