बिहार की ऐतिहासिक नगरी राजगीर आज से एशिया कप हॉकी-2025 की मेजबानी कर रही है। यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ है।
आठ देशों की दिग्गज टीमें होंगी आमने-सामने
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की आठ शीर्ष टीमें हिस्सा ले रही हैं—भारत, जापान, चीन, कजाखस्तान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे। सभी मैच राजगीर अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में खेले जाएंगे। विदेशी खिलाड़ियों और टीमों के ठहरने के लिए शहर के विभिन्न होटलों में विशेष व्यवस्था की गई है, जबकि भारतीय टीम खेल परिसर में ही रहेगी। पूरे आयोजन स्थल पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। फाइनल मैच 7 सितंबर को होगा।
विश्व कप क्वालीफायर का भी महत्व
यह एशिया कप सिर्फ एक चैंपियनशिप नहीं है, बल्कि 2026 हॉकी विश्व कप का क्वालीफायर भी है। इतिहास पर नजर डालें तो अब तक दक्षिण कोरिया पांच बार खिताब जीतकर सबसे सफल टीम रही है। भारत ने भी तीन बार (2003, 2007, 2017) यह खिताब अपने नाम किया है, जबकि पाकिस्तान ने 1982, 1985 और 1989 में तीन बार चैंपियन बना।

दर्शकों के लिए बड़ा तोहफा – निःशुल्क प्रवेश
हॉकी इंडिया ने दर्शकों के लिए खास पहल की है। सभी मैचों के लिए प्रवेश निःशुल्क होगा। फैंस www.ticketgenie.in या हॉकी इंडिया ऐप पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर वर्चुअल टिकट प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य हॉकी को और अधिक लोकप्रिय बनाना और लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल नजदीक से दिखाना है।

ग्रुप स्टेज और पहले दिन के मुकाबले
टूर्नामेंट में कुल 24 मैच खेले जाएंगे। पहले दिन चार मैच होंगे। पूल-ए में भारत को जापान, चीन और कजाखस्तान के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला चीन के खिलाफ खेलेगी, जबकि जापान से 31 अगस्त और कजाखस्तान से 1 सितंबर को भिड़ेगी।
पूल-बी में मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच मलेशिया बनाम बांग्लादेश और दूसरा मैच दक्षिण कोरिया बनाम चीनी ताइपे के बीच होगा।

हॉकी के प्रति जनजागरण फैलाने के लिए “ट्रॉफी गौरव यात्रा” आयोजित की गई थी, जो आज 29 अगस्त को राजगीर पहुंची। उल्लेखनीय है कि बिहार में पहली बार पुरुष एशिया कप हॉकी का आयोजन हो रहा है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवींद्रन शंकरण ने कहा कि यह आयोजन न केवल राज्य की अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि पर्यटन, कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी बिहार की पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करेगा।









