तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। वहीं विरोध कर रहे किसानों ने पंजाब में 1,500 से अधिक मोबाइल टावर तोड़ दिए हैं। जिसके बाद पंजाब के कई क्षेत्रों में टेलिकॉम सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पंजाब सरकार पर टावरों को नुकसान पहुंचा रहे किसानों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे थे। हालांकि अब उन्होंने पंजाब पुलिस को ऐसे मामलों से निपटने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य पुलिस को निर्देश दिए हैं कि किसान आंदोलन की आड़ में टावरों को नुकसान पहुंचा रहे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। दरअसल कुछ प्रदर्शनकारियों का मानना है कि नए कृषि कानूनों से अरबपति उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी को सबसे अधिक फायदा होगा। इसलिए उनका गुस्सा मुकेश अंबानी की कंपनी जियो के मोबाइल टावरों पर निकल रहा है। सूबे में कई इलाकों में इन टावरों को बिजली की आपूर्ति रोक दी गई है और साथ ही केबल भी काट दी गई है।

हालांकि, अंबानी का रिलायंस समूह और अडाणी की कंपनियां किसानों से अनाज खरीदने के कारोबार में नहीं हैं। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘कल तक 1,411 टावरों को नुकसान पहुंचाया गया था। अब यह आंकड़ा 1,500 के पार हो गया है।’ जालंधर में जियो की फाइबर केबल के कुछ बंडल भी जला दिए गए हैं। राज्य में जियो के 9,000 से ज्यादा Lटावर हैं। एक अन्य सूत्र ने कहा कि टावर को नुकसान पहुंचाने का सबसे आम तरीका बिजली की आपूर्ति काटना है।

एक जगह टावर साइट पर जेनरेटर को लोग उठाकर ले गए और उसे एक स्थानीय गुरुद्वारे में दान कर दिया। कुछ जियो कर्मचारियों को धमकाने और उनके भागने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को आंदोलनकारी किसानों से अपील की थी कि वे ऐसा कोई कदम नहीं उठाएं जिससे आम लोगों को दिक्कतें हो। टावर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (टीएआईपीए) ने कहा है कि कम से 1,600 टावरों को नुकसान पहुंचाया गया है।

Input: outlook hindi

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