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BIHAR

अयाेध्या में रघुपति लड्‌डू के नाम से बिकेगा पटना महावीर मंदिर में मिलनेवाला तिरुपति का नैवेद्यम

Santosh Chaudhary

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Patna Mahavir Temple

राम रसाेई के बाद अब अयाेध्या में भी महावीर मंदिर पटना की तर्ज पर तिरुपति का नैवेद्यम मिलेगा। लेकिन, इसका नाम हाेगा रघुपति लड्‌डू। रघुपति लड्‌डू तैयार करने के लिए तिरुपति से वेंकटरमण के नेतृत्व में कारीगराें की टीम अयाेध्या पहुंच गई है। 10-15 दिनाें के अंदर रघुपति लड्‌डू की बिक्री शुरू हाे जाएगी।

Patna Mahavir Temple

 

डिमांड बढ़ने पर मीशन लगाकर बनाए जाएंगे लड्‌डू

फिलहाल अभी पटना से भेजा गया नैवेद्यम लड्‌डू अयाेध्या में मिलने लगा है। रघुपति लड्‌डू बनाने की याेजना फाइनल स्टेज में है। अमावा मंदिर के पास इसके लिए स्थान तय हाे गया है। अभी बाेर्ड नहीं लगा है। जल्द ही रघुपति लड्‌डू के बारे में स्थानीय लाेगाें के साथ बाहर से आने वाले भक्ताें काे भी पता चल सके, इसके लिए पूरे अयाेध्या और आसपास के इलाके में हाेर्डिंग-बैनर व बाेर्ड लगाए जाएंगे। यह लड्‌डू पटना की तरह ही अयाेध्यावासियाें व वहां आने वाले राम भक्ताें काे निर्धारित कीमत चुकाने के बाद प्राप्त हाेगा। इसके लिए रामलला मंदिर के नजदीक पर्याप्त काउंटर बनाने की तैयारी है। अभी लड्‌डू तिरुपति से आए कारीगर के हाथाें से ही तैयार करेंगे। डिमांड बढ़ने पर ऑटाेमेटिक मशीनाें से भी लड्‌डू तैयार किया जाएगा।

 

अयोध्या में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से आ रहे श्रद्धालु

महावीर मंदिर ट्रस्ट पटना के सचिव आचार्य किशाेर कुणाल ने बताया कि रघुपति लड्‌डू की बिक्री शुरू हाेने से पहले अयाेध्या में दूर-दराज से आने वाले राम भक्ताें की सुविधा के लिए अमावा मंदिर के पास अमानती घर और ओपीडी भी खुलेगा। डाॅक्टराें के रहने की भी बेहतर व्यवस्था की जाएगी। बताया कि अयाेध्या में राम रसोई सफलतापूर्वक चल रही है। हर दिन करीब 1000 भक्त कैमूर के माेकरी गांव से भेजे गए गाेविंद भाेग चावल से बना प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। बांग्लादेश व नेपाल के हिंदुओं के अलावा सबसे ज्यादा लाेग महाराष्ट्र से आ रहे हैं।

राम रसोई में तिरुपति से आए खानसामे बना रहे भोजन

राम रसोई के लिए तिरुपति से आए पी ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में वहां के कारीगर भाेजन बना रहे हैं। राम रसोई में कभी पाेंगल, कभी खीर ताे कभी दाल-भात सब्जी की व्यवस्था की जा रही है। किशाेर कुणाल ने बताया कि कारीगर बहुत ही स्वादिष्ट खाना बना रहे हैं। साथ ही भक्ताें काे बड़े प्यार से भाेजन प्रसाद पराेसा जा रहा है। इसका असर यह हाे रहा है कि खाना खाने के बाद लाेग हनुमान जी का जयकारा लगाते हैं। इस तरह पूरे देश में पटना के हनुमान जी की जय जयकार हाे रही है।

Input : Dainik Bhaskar

MUZAFFARPUR

विभा कुमारी की जांच से ही ब्रजेश सहित 19 को मिली थी सजा

Muzaffarpur Now

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गृहमंत्री पदक सम्मान के लिए चयनित सीबीआइ इंस्पेक्टर विभा कुमारी की जांच से ही बालिका गृह कांड में ब्रजेश ठाकुर सहित 19 दोषियों को दिल्ली के साकेत स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुनाई थी। मात्र पांच माह में ही जांच पूरी कर इस कांड के आरोपितों के विरुद्ध मुजफ्फरपुर के विशेष पॉक्सो कोर्ट में उन्होंने चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप पत्र में उनकी ओर से जुटाए गए साक्ष्य इतने मजबूत थे कि विशेष कोर्ट ने 19 आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

जांच की जिम्मेदारी से बस कुछ देर हुईं थीं असहज : विभा कुमारी ने बताया कि वे उस समय सीबीआइ कार्यालय पटना में कार्यरत थीं। विभाग की ओर से मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई। इतने बड़े चर्चित मामले की जांच अधिकारी बनाए जाने पर उन्हें कुछ देर के लिए असहजता महसूस हुई । लेकिन जिम्मेदारी का एहसास होते ही जल्द ही वे सहज हो गईं। चुनौती को स्वीकार करते हुए जघन्य अपराध करने वालों को कोर्ट से सजा दिलाने का उनपर जुनून सवार हो गया। सुप्रीम कोर्ट की मॉनेटरिंग के तहत व गाइड लाइन का पालन करते हुए इस जांच जल्द पूरी करनी थी। इसके लिए विभाग की ओर से उन्हें बेहतर टीम दी गई। सबने काफी मेहनत की। कहती हैं कि उस टीम के सहयोग से ही जांच इतनी जल्दी पूरी हो सकी। वरीय अधिकारियों के मार्गदर्शन ने उनकी राह आसान कर दी। जांच के हर कदम पर मीडिया की सतत निगाहें रहती थी। इन सबके बीच पूरी गोपनीयता बरतते हुए जांच को पूरी करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था।

15 वर्षाें के कार्यकाल में सबसे मिला सबसे चर्चित मामला : विभा कुमारी बताती है कि उन्होने वर्ष 2003 में सीबीआइ को ज्चाइन किया था । इस दौरान देश के कई राज्यों में काम करने का मौका मिला। कई बड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी मिली। लेकिन बालिका गृह मामला सबसे अलग था। यह उनके अबतक के कॅरियर का सबसे चर्चित मामला था। इसकी जांच की चुनौती व विभाग का उन पर भरोसा एक अलग तरह के दायित्व का एहसास दिलाती थी। उसी दायित्व बोध ने उनके काम को आसान कर दिया। गृहमंत्री पदक सम्मान के लिए चयनित होने पर कहती हैं कि उनके लिए खुशी की बात है। वरीय अधिकारियों, सहयोगियों व शुभचिंतकों से बधाई संदेश मिल रहे हैं। इस सम्मान के लिए चयनित होना मेरे लिए बेहद खुशी का क्षण है। यह सम्मान हमारे पूरे विभाग के लिए है।

बालिका गृहकांड की जांच अधिकारी सीबीआइ इंस्पेक्टर विभा कुमारी

उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर गृहमंत्री पदक के लिए चयनित, पांच माह में ही की थी चाजर्शीट दाखिल

मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह कांड की जांच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सीबीआइ की इंस्पेक्टर विभा कुमारी का चयन गृह मंत्री पदक के लिए किया गया है। विभा कुमारी ने जांच को नया मोड़ दिया और मामले के आरोपी तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। जांच में उनके प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन किया गया है। सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि विभा के अलावा बिहार पुलिस कैडर के अधिकारी और सीबीआइ रांची में पदस्थापित परवेज आलम को भी यह सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने जया भादुरी नाम की इंजीनियरिंग की एक छात्र के साथ दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या मामले की जांच की थी। आरोपी ने इस कांड में कोई सबूत नहीं छोड़ा था। सीबीआइ ने अंधेरे में जांच शुरू की। कांड में पहले तीन सौ लोग चिन्हित हुए। बाद में इसमें से 150 को अलग किया गया और 150 में से 11 लोग को अंतिम रूप से चिन्हित कर उनके डीएनए लिए गए। सूत्रों ने बताया आरोपी राहुल कांड के बाद से यूपी में छिपा बैठा था। जिसका डीएनए मैच हुआ और इस मामले में बाद में कोर्ट ने राहुल को मौत की सजा सुनाई। परवेज आलम को भी जांच में उत्कृष्टता के लिए गृहमंत्री पद से नवाजा जाएगा। बिहार कैडर के एक अन्य अधिकारी राकेश रंजन जो बेंगलुरू सीबीआइ में पदस्थापित हैं, उन्हें धारवाड़ कर्नाटक में कम उम्र की बच्ची की हत्या कर पेड़ से लटका देने के एक मामले की जांच सौंपी गई थी। इस मामले में सर्किल अफसर समेत एक अन्य सरकारी अधिकारी दोषी पाए गए। जांच में बेहतर प्रदर्शन के लिए राकेश रंजन को भी सम्मानित किया जाएगा। बिहार के इन अफसरों समेत हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू, देहरादून, चेन्नई, रांची और भोपाल के अफसरों का चयन गृहमंत्री पदक के लिए किया गया है।

Input : Arun Kumar Jha (Dainik Jagran)

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MUZAFFARPUR

मुज़फ़्फ़रपुर : मुआवजे की मांग को लेकर घंटो किया सड़क जाम ; जमकर काटा बवाल

Abhay Raj

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मुज़फ़्फ़रपुर में तेज रफ्तार का कहर बदस्तूर जाड़ी है.आए दिन सड़क दुर्घटना में मौत हो रही है.बुधवार की रात फिर एक तेज़ रफ़्तार स्कार्पियो के चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई.घटना ज़िले के सदर थाना क्षेत्र का है.

मुजफ्फरपुर में रफ्तार के कहर ने बुजुर्ग व्यक्ति की जान ले ली.मृतक की पहचान सदर थाना के गोबरसही निवासी वैद्यनाथ शाह के रूप में हुई है.घटना सदर थाना क्षेत्र के ही रेवा रोड में फरदो दगोला के पास हुई थी. स्थानीय लोगों ने बताया कि एक तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो ने वैद्यनाथ साह को कुचल दिया. करीब 50 मीटर तक स्कॉर्पियो से वे घसीटते रहे.बाद में जब गाड़ी से बैधनाथ साह छूट गए तो स्कॉर्पियो लेकर चालक फरार हो गया. घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उससे पहले घटना स्थल पर भीड़ जुट गई। मृतक की जेब की तलाशी में मिले कागजात से उसकी पहचान हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया था.

पोस्टमार्टम के उपरांत मुआवजे की मांग को लेकर मृतक के परिजनों ने गोबरसाहि चौक पर शव को बीच सड़क पर रख कर हाईवे जाम कर दिया.साथ ही टायर जला कर विरोध प्रदर्शन किया.प्रशासन व सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी भी किया.मौके पर भाड़ी संख्या में पुलिस पर पहुँची.लाख कोशिशों के बावजूद मृतक के परिजन मुआवजे की मांग पर अड़े रहे.करीब 2 घंटे के बाद मुशहरी सीओ सुधांशु शेखर मौके पर पहुँचे. विधि सम्मत कार्यवाई के बाद मृतक के परिजनों को चार लाख रुपया बतौर मुआवजा दिया गया.मुआवजा मिलने के बाद जाम खत्म करवा कर आवागवन सुचारू रूप से चालू करवाया गया.

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BIHAR

बिहार: CBI की विभा कुमारी को मिला ‘यूनियन होम मिनिस्ट्री’ पुरस्कार, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड के जुटाए थे साक्ष्य

Muzaffarpur Now

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पटना. 2020 में बेहतर अनुसंधान के लिए ‘यूनियन होम मिनिस्ट्री’ पुरस्कार से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जिन अधिकारियों का चयन किया गया इनमें मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड ( Muzaffarpur Shelter Home Rape Case) की आईओ रहीं सीबीआई की इंस्पेक्टर विभा कुमारी (Inspector Vibha Kumari of CBI) का नाम भी शामिल है. बताया जा रहा है कि विभा के प्रोपर इन्वेस्टिगेशन से ही इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) समेत 19 को लोगों को सजा मिल पाई. विभा फिलहाल सीबीआई पटना की एसीबी शाखा में बतौर इंस्पेक्टर तैनात हैं और वह मूल रूप से पटना जिला की रहने वाली हैं.

बिहार: CBI की विभा कुमारी को मिला ...

बता दें कि गृहमंत्री पदक सम्मान के लिए चयनित सीबीआइ इंस्पेक्टर विभा कुमारी ने महज पांच महीने में ही अपनी जांच पूरी कर ली और इस कांड के आरोपितों के खिलाफ मुजफ्फरपुर के विशेष पॉक्सो कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी. कहा जातादिल्ली के साकेत स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने जिन 19 आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई उसमें विभा के जुटाए साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

बता दें कि विभा कुमारी ने वर्ष 2003 में सीबीआइ को ज्चाइन किया था. विभा को जब जांच की जिम्मेदारी मिली तो उस समय सीबीआइ ऑफिस पटना में कार्यरत थीं. बकौल विभा जब ये इस महत्वपूर्ण जांच की जिम्मेदारी दी गई तो पहले तो असहज हुईं, लेकिन फिर चुनौती मान आगे बढ़ीं. सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार जांच जल्दी पूरी करनी थी और पूरी गोपनीयता भी बरतनी थी.

विभा कहती हैं कि ऐसे तो कई मामलों की जांच वह कर चुकी हैं, लेकिन ये मामला संवेदनशील था और एक महिला होने के नाते चुनौतीपूर्ण भी. विशेष बात यह भी थी कि मीडिया इस मामले पर हर वक्त निगाह रख रही थी. लेकिन, सीनियर अधिकारियों ने उन्हें अच्छी टीम दी जिस कारण इन्वेस्टिगेशन में वह लगातार सही दिशा में आगे बढ़ती रहीं. गृह मंत्रालय की तरफ से दिया जाने वाले सम्मान से वे बेहद खुश हैं और इसका श्रेय पूरे विभाग को देती हैं.

गौरतलब है कि इंस्पेक्टर विभा के अलावा सीबीआई के अलग-अलग सेक्शन के एक एसपी, एक एएसपी, दो डीएसपी और 10 इंस्पेक्टरों को भी यह पुरस्कार मिला है. विभा के अनुसार इस पुरस्कार के लिए एसीबी के एसपी ने अनुशंसा की थी. इसके बाद सीबीआई ने बीते 10 साल की परफॉर्मेंस की समीक्षा की. इसके बाद इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया.

Input : News18

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