MUZAFFRPUR : एसकेएमसीएच के आसपास संचालित निजी नर्सिंग होम, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 13 संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार के नेतृत्व में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान की गई।

मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने तीन अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया था। इन टीमों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसहरी, मीनापुर, गायघाट और औराई के चिकित्सा पदाधिकारी शामिल थे। टीमों ने एसकेएमसीएच के निकट संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का गहन निरीक्षण किया।

जांच के दौरान कई संस्थानों में सरकारी मानकों, लाइसेंसिंग नियमों और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट से जुड़े आवश्यक प्रावधानों का अनुपालन नहीं पाया गया। कई संस्थानों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे, जबकि कुछ स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से 12 संस्थानों को सील कर दिया। वहीं 5 जून को मानकों के उल्लंघन के आरोप में मदांता अस्पताल को भी सील किया गया था। इस प्रकार कुल 13 स्वास्थ्य संस्थानों पर कार्रवाई की गई है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसहरी एवं मीनापुर की टीम ने छह संस्थानों, गायघाट की टीम ने तीन तथा औराई की टीम ने तीन संस्थानों को सील किया।

सील किए गए संस्थान:
बालाजी हेल्थ केयर, रेडियस हेल्थ केयर, संतोष चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, आशा हेल्थ केयर, गंगाराम इमरजेंसी हॉस्पिटल, तिरुपति नर्सिंग होम, आयुष्मान हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल, सम्राट हॉस्पिटल, एस-एस हॉस्पिटल, हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल, भूमि चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, ओम अल्ट्रासाउंड तथा मदांता अस्पताल।

सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी संस्थानों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी संचालकों को आवश्यक मानकों और नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।











