शहर में लगातार बढ़ती जाम की समस्या को नियंत्रण में लाने और यातायात व्यवस्था को नए स्वरूप में ढालने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सह सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी और विधायक रंजन कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में ट्रैफिक सुधार को लेकर अल्पकालीन और दीर्घकालीन दोनों तरह की योजनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।

ऑटो–ई-रिक्शा पर नई व्यवस्था: शहर को जोन में बांटकर कलर कोडिंग
शहरी यातायात जाम का सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित ऑटो और ई-रिक्शा संचालन है। इसे व्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी ने पूरे शहर को अलग-अलग ट्रैफिक जोन में विभक्त करने और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की परिचालन क्षमता का कलर कोड आधारित सर्वे कराने का निर्देश दिया।

जल्द ही प्रत्येक जोन के लिए तय कलर कोड के अनुरूप ही ऑटो व ई-रिक्शा चलेंगे। इस व्यवस्था को लागू कराने की जिम्मेदारी नगर पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी व संबंधित डीएसपी को दी गई है।
वेंडिंग जोन की पहचान: सड़क किनारे दुकानों को मिलेगी वैकल्पिक जगह
सड़क किनारे लगने वाली अनियंत्रित दुकानों को जाम का प्रमुख कारण मानते हुए जिलाधिकारी ने नए वेंडिंग जोन चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
इन वेंडिंग जोनों में व्यवस्थित जगह, सीमांकन और बेसिक सुविधा देकर सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोगों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात दबाव कम होगा।

भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
मोतीझील, अघोरिया बाजार, हरीसभा चौक, कलमबाग चौक, माड़ीपुर, बैरिया सहित शहर के सभी व्यस्त स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
बेतरतीब तरीके से ऑटो, ई-रिक्शा और ठेला खड़े करने की समस्या से निपटने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को हैंडहेल्ड मशीन दी जाएगी, जिससे मौके पर ही जुर्माना वसूली की जा सके।
वन-वे सिस्टम और नए ट्रैफिक पोस्ट का सुझाव
बैठक में कई सड़कों को वन-वे घोषित करने, भीड़भाड़ वाले इलाकों में माइकिंग कर जागरूकता बढ़ाने, और महत्वपूर्ण स्थानों पर नए ट्रैफिक पोस्ट स्थापित करने के प्रस्ताव भी सामने आए।

शहर में उचित स्थानों पर नो पार्किंग बोर्ड लगाए जाएंगे और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
दीर्घकालीन योजना: मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण
वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने शहर में मल्टी लेवल पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया।
यह परियोजना मुजफ्फरपुर को अगले कई वर्षों के लिए पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

केंद्रीय मंत्री का सुझाव: साफ-सफाई और सुरक्षा पर भी जोर
केंद्रीय मंत्री सह सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी ने यातायात सुधार के साथ-साथ शहर की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, और पुल व अंधेरे क्षेत्रों में हाई-क्वालिटी लाइटिंग की जरूरत पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि तात्कालिक और दीर्घकालीन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बना सकता है।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने मोटर वाहन अधिनियम का सख्ती से पालन कराने, वाहनों की सघन जांच करने और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
साथ ही जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में कई अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में विधायक रंजन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, नगर आयुक्त विक्रम वीरकर, नगर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) सुधीर कुमार सिन्हा, एसडीओ (पूर्वी) तुषार कुमार, डीटीओ कुमार सत्येंद्र सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि “सभी विभागों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी।” उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया।







