मकर संक्रांति पर्व में महज एक सप्ताह का समय बचा है। पर्व की आहट के साथ शहर में तिलकुट की दुकानें गुलजार हो चुकी हैं। यही नहीं, तिलकुट की सोंधी-सोंधी खुशबू लोगों को अपनी ओर खिंचने भी लगी हैं।

दुकानों से लोग गुड़ व खोवा वाले तिलकुट के साथ काले तिल के लड्डू की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। कई लोग तो प्रतिष्ठित दुकानों में तिलकुट की एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं। सगे-संबंधियों को भी उपहार देने को तिलकुट की खरीदारी हो रही है। हालांकि, इस बार तिलकुट पर महंगाई का रंग चढ़ा है। तिल के दाम बढ़ने से तिलकुट की कीमतों में 35 से 40 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद लोग तिलकुट की खरीदारी कर रहे हैं। सरैयागंज टावर चौक के पास एक दुकान में तिलकुट बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। गया से आए आठ कारीगर इसे तैयार करने में लगे हैं। तिलकुट दुकानदार विनोद कुमार ने बताया कि तिल की कीमत बढ़ने से इस बार तिलकुट के दाम बढ़ाए गए हैं। अभी रोजाना करीब 20-30 किलो तिलकुट बिक रहा है। लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कम चीनी वाले तिलकुट बनाए जा रहे हैं। सर्दी को लेकर गुड़ वाले तिलकुट की मांग अधिक है।

 

तिल, चूड़ा व गुड़ का बाजार गर्म : शहर में तिल, चूड़ा व गुड़ का बाजार भी गर्म है। इनकी भी खरीदारी तेज हो गई है। लाई बनाने के अलावा लोग चूड़ा-मीठा खाना भी पसंद कर रहे हैं। गोला रोड में खरीदारी को पहुंचे पवन कुमार व सुनीता देवी ने बताया कि हर साल पूरी सर्दी घर में चूड़ा व गुड़ का स्टॉक रहता है। मकर संक्रांति को लेकर तिल भी लिया है। हालांकि, तिल के दाम बढ़े हैं। गोला के दुकानदार रवि कुमार व ब्रह्मपुरा के मुकेश ने बताया कि गुड़, तिल व चूड़ा सर्दी शुरू होते ही लोग खरीदने लगे हैं। तुलसी फूल व मिर्चा चूड़ा 70 रुपये, कतरनी 45 व साधारण चूड़ा 28 से 30 रुपये में मिल रहा है। वहीं, गुड़ की कीमत 35 से 40 रुपये के बीच है।

Input : Live Hindustan