MUZAFAFRPUR : शहर में हाल के दिनों में आवारा कुत्तों के हमलों में लगातार वृद्धि ने नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।

नगर निगम की बोर्ड बैठक में महापौर निर्मला साहू, उप महापौर डॉ. मोनालिसा, स्थायी समिति के सदस्य, पार्षदगण, विधायक, विधान पार्षद और कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि शहर में आवारा कुत्तों की वास्तविक संख्या पहले के सर्वे के आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।

पशुपालन विभाग द्वारा कराए गए पिछले सर्वे में लगभग 2,700 कुत्तों की संख्या दर्ज की गई थी। हालांकि, एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) योजना को लागू करने के लिए चार बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद किसी भी एजेंसी ने इसमें भाग नहीं लिया, जिसके कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

जनप्रतिनिधियों की सहमति के बाद तय हुआ कि शहर में एक बार फिर से विस्तृत और सटीक सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के आधार पर एबीसी योजना के लिए नई शर्तों के साथ टेंडर जारी किया जाएगा। उद्देश्य है कि योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके और कुत्तों के काटने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

नगर आयुक्त विक्रम विरकर (IAS) ने कहा – “शहरवासियों की सुरक्षा और स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सही आंकड़े मिलने पर हम एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना को प्रभावी तरीके से लागू कर सकेंगे। इस बार सर्वे को अधिक सटीक और व्यापक बनाने पर जोर रहेगा, ताकि टेंडर प्रक्रिया सफल हो और घटनाओं में कमी आए।”

महापौर निर्मला साहू ने कहा – “शहर के लोग लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या से जूझ रहे हैं। हमारा लक्ष्य इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना है। नए सर्वे के आंकड़े हमें योजना को तेज़ी से लागू करने में मदद करेंगे।”

उप महापौर डॉ. मोनालिसा ने कहा – “सर्वे के बाद सही आंकड़े सामने आएंगे, जिससे योजना में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित होगी। हम सभी जनप्रतिनिधि मिलकर इस मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।”

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