आज, 1 सितंबर से मुजफ्फरपुर जंक्शन का क्षेत्राधिकार बदलकर समस्तीपुर रेल मंडल को सौंप दिया गया है। आज़ादी के बाद 1951 से यह सोनपुर मंडल के अधीन था। नई व्यवस्था लागू होने पर रविवार को जंक्शन परिसर में काफी गहमागहमी देखने को मिली। रेलवे के अनुसार, यह कदम परिचालन से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों को दूर करने और ट्रेनों की आवाजाही को और सहज बनाने के लिए उठाया गया है।
इस बदलाव के तहत सोनपुर मंडल के कुल नौ स्टेशनों को समस्तीपुर मंडल में स्थानांतरित किया गया है। इनमें मुजफ्फरपुर, नारायणपुर अनंत, सिलौत, विष्णुपुर बथुआ हाल्ट, सिहो, ढोली, दुबहा, खुदीराम बोस पूसा और कर्पूरीग्राम शामिल हैं। पहले इन रूटों पर ट्रेनों को समस्तीपुर और सोनपुर दोनों कंट्रोल से अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे समय लगता था। अब यह बाध्यता खत्म हो जाएगी और ट्रेनें बिना अतिरिक्त अनुमति के सुगमता से आगे बढ़ सकेंगी।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि इस निर्णय से न केवल संचालन कुशल होगा बल्कि रखरखाव कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेलखंड पर अब समस्तीपुर और सोनपुर मंडल की सीमा रामदयालुनगर स्टेशन के पास तय की गई है। वहीं, समस्तीपुर-बरौनी खंड पर उजियारपुर और हाजीपुर-मुजफ्फरपुर खंड पर रामदयालुनगर स्टेशन को डिविजनल इंटरचेंज प्वाइंट घोषित किया गया है। पहले समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जंक्शन इस भूमिका में थे, जिन्हें अब बदल दिया गया है।











