प्रोफेसर का बेटा दार्जिलिंग में इंजीनियरिंग की कर रहा पढ़ाई, घर से मिला 24 किलो सोना

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मुथूट फाइनेंस कंपनी से 6 फरवरी को लूटे गए 11 करोड़ रुपए के 33 किलो सोना में 8.61 करोड़ रुपए के 26.5 किलो सोना शनिवार की देर रात समस्तीपुर और वैशाली से बरामद कर लिया गया। फुटेज से चिह्नित हुए अपराधी विकास झा का नाम और तीन अपराधियों के फोटो सार्वजनिक होने के कारण राज्य के कारोबारियों ने लूट का सोना खपाने से इनकार कर दिया। सोनार को डर था कि पहचाने गए अपराधी पकड़े गए तो उनकी भी खैर नहीं। इस वजह से लूटा गया सोना बरामद करने में पुलिस को सफलता मिल गई।

मुथूट फाइनेंस कंपनी ने मुजफ्फरपुर की पुलिस टीम को सोना बरामद करने के लिए 30 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की है। एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि यह बरामदगी देश स्तर पर सबसे बड़ी है। टीम में शामिल अधिकारियों को उनके काम के अनुसार इनाम की राशि दी जाएगी। पुलिस टीम ने सबसे पहले समस्तीपुर के दलसिंहसराय थाने के शाहपुर पपरा गांव से विकास झा के भाई सुभाष झा को पकड़ लिया। इसकी निशानदेही पर लूट में शामिल रहे आलोक कुमार को उसके गांव बेगूसराय के समसा से पकड़ा गया। इन दोनों की निशानदेही के बाद 36 घंटे तक चले ऑपरेशन में सोना बरामद किए गए।

एसएसपी ने कहा- एक माह में चार्जशीट दायर कर चलाएंगे स्पीडी ट्रायल 

एसएसपी ने बताया कि इस कांड में पुलिस के पास सटीक वैज्ञानिक साक्ष्य है। लूट करते हुए अपराधी की फुटेज, घर से सोना बरामदगी और सोना पर मुथूट फाइनेंस की मुहर व पैकेट। जिस ग्राहक का सोना था उसका नाम भी पैकेट पर लिखा है। यह बड़ा साक्ष्य है, जिसके आधार पर स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी।

11 करोड़ के 33 किलो सोने की बिहार में अब तक की सबसे बड़ी डकैती

गैंग से छिपाकर रखे 2.5 किलो सोना को सबसे पहले पुलिस ने किया जब्त

भगवानपुर स्थित मुथूट फाइनेंस से लूटे गए 33 किलो सोना में से बरामद 26.5 किलो सोना।

INJURED BRANCH MANAGER

दिलीप का मास्टर स्ट्रोक : फुटेज मिलते ही झट से की विकास झा की पहचान, धराया गिरोह

मुथूट फाइनेंस से 33 किलो सोने की डकैती में मिली सफलता के पीछे वैशाली में तैनात डीएसपी दिलीप कुमार का ‘मास्टर स्ट्रोक’ था। ये वही दिलीप हैं जिन्होंने मोतिहारी में सब इंस्पेक्टर रहते हुए नेपाल बॉर्डर से 4 साल पहले इंडियन मुजाहिद्दीन के प्रमुख यासिन भटकल को दबोचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके लिए उन्हें गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिला था। 11 करोड़ के सोना लूट की वारदात के बाद जैसे ही मुजफ्फरपुर एसएसपी मनोज कुमार ने सीसीटीवी की फुटेज जारी की, दिलीप ने उस फुटेज में दिख रहे विकास झा को तुरंत पहचान लिया। वैशाली पुलिस से इनपुट मिलते ही पुलिस व क्यूआरटी टीम वैशाली पहुंची। पूर्व मंत्री वीणा शाही के पेट्रोल पंप लूट में विकास झा को जेल भेजा गया था। विकास के बाद वीरेंद्र शर्मा, रंजीत ठाकुर की भी फुटेज से पहचान हो गई। एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि वैशाली पुलिस के दिलीप कुमार व समस्तीपुर पुलिस के विक्रम की भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इन अधिकारियों व सिपाहियों ने किया सोना बरामद

सिटी एसपी राकेश कुमार, एएसपी अभियान विमलेश चंद्र झा, नगर डीएसपी मुकुल रंजन, डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीएसपी पूर्वी गौरव पांडेय, नगर थानेदार धनंजय कुमार, काजी मोहम्मदपुर थानेदार मो. सुजाउद्दीन, सदर थानेदार सुनील कुमार रजक, क्यूआरटी प्रभारी आरपी गुप्ता, मुशहरी थानेदार धर्मेंद्र कुमार, जैतपुर ओपी के अरविंद प्रसाद, सर्विलांस शाखा के मणिभूषण कुमार, सरोज कुमार, नरेंद्र कुमार, राजेंद्र साह व मधुसूदन पासवान।

08 करोड़ 61 लाख के 26.5 किलो सोना की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी

अपराधी विकास झा की इसी फुटेज की पहचान के बाद पुलिस को मिली मामले में लीड।

30 लाख रुपए का रिवार्ड बरामदगी पर मुथूट फाइनेंस कंपनी पुलिस को देगी

यह बरामदगी देश स्तर पर सबसे बड़ी है। पुलिस के पास वैज्ञानिक साक्ष्य हैं। फुटेज, घर से सोना बरामदगी और सोना पर मुथूट फाइनेंस की मुहर व पैकेट। इस आधार पर स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी। -मनोज कुमार, एसएसपी, मुजफ्फरपुर

लूट में शामिल अन्य 8 अपराधी भी चिह्नित हो चुके हैं, गिरफ्तारी के लिए चल रही छापेमारी

सुभाष झा ने पुलिस को बताया कि लूट के बाद उसके भाई विकास ने 2.5 किलो सोना गैंग से छिपाकर अपने पास रख लिया था। इस सोने को सुभाष के साथ मिलकर उसने घर के सामने लीची गाछी में मिट्टी के नीचे दबाकर रखा था। पुलिस ने सबसे पहले इस सोने को बरामद किया। फिर आलोक से पुलिस को जानकारी मिली कि करीब 24 किलो सोना वैशाली के महुआ थाना अंतर्गत चक काजी गांव में अभिषेक कुमार के घर छिपाया गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने अभिषेक के घर पर छापेमारी की। वहां ट्रॉली बैग में भर कर रखे गए सोना को बरामद कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि लूट में शामिल अन्य आठ अपराधी भी चिह्नित हो चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।

निराश लौट रही थी पुलिस, तब अभिषेक ने कहा-नीले रंग के ट्रॉली बैग में मिलेगा सोना

महुआ थाने के चकमुजाहिद गांव में अभिषेक के घर पर छापेमारी करने के बाद भी सोना नहीं मिला। पुलिस टीम निराश हो चुकी थी। अभिषेक ने सख्ती के बाद पुलिस को बताया कि नीले रंग के ट्रॉली बैग में सोना है। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक के घर कबाड़खाने में एक पुराने बॉक्स के अंदर छिपाकर रखे गए नीले रंग के बैग को बरामद किया। उसे खोलते ही सोना सामने था।

प्रोफेसर का बेटा दार्जिलिंग में इंजीनियरिंग की कर रहा पढ़ाई, घर से मिला 24 किलो सोना

वैशाली जिले के महुआ थाना के चकमुजाहिद गांव का अभिषेक दार्जिलिंग में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। अभिषेक के पिता संस्कृत कॉलेज के प्रोफेसर बताए जा रहे हैं। गैंग के सरगना वीरेंद्र शर्मा ने पुलिस मूवमेंट कम होने तक 8 करोड़ से ज्यादा का 24 किलो सोना अभिषेक को सौंप दिया था।

1125 पैकेट सोना में से 745 बरामद; 649 पर टैग, कस्टमर नंबर व ग्राहक के नाम भी सुरक्षित 

मुथूट फाइनेंस डाका कांड : गहने देखने के लिए ग्राहकों को करना होगा इंतजार, कोर्ट की अनुमति पर ही पुलिस मुथूट फाइनेंस को सौंपेगी 

अपराधियों के ठिकाने से बरामद 26.5 किलो सोना का रविवार की देर रात तक पुलिस मिलान करती रही। मुथूट फाइनांस कंपनी के कार्यालय के रिकॉर्ड में कस्टमर आईडी से गहने की पहचान की प्रक्रिया चलती रही। 750 ग्राहकों के 1125 पैकेट गहने लॉकर से अपराधी लूटकर ले गए थे। मिलान में 745 पैकेट सोना मिल गया है। इनमें 96 पैकेट को अपराधियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया गया कि 649 पैकेट पर ग्राहक के नाम, कस्टमर आईडी व कंपनी मुहर सुरक्षित हैं। ये सभी पैकेट 450 से अधिक ग्राहकों के हैं।

एसएसपी ने कहा कि गहने सुरक्षित मिलना खासकर महिलाओं के लिए राहत भरी है। किसी को शादी तो किसी को उपहार में मिले होंगे। इनसे उनकी यादें जुड़ी होंगी। जरूरत के तहत गिरवी रखा था, बेचा नहीं था। लूट के बाद निराशा में जी रहीं बड़ी संख्या में मुथूट की महिला ग्राहकों के लिए खुशी के पल हैं। कंपनी के सेक्युरिटी एजीएम रोहित कपूर ने बताया कि कोर्ट से कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बाद गहने वापस लेने के बाद ही कस्टमर की सूची दफ्तर के बोर्ड पर जारी की जाएंगी। कोर्ट से गहना लेने के लिए शीघ्र ही कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

‘बहुत बड़ा चैलेंज था, वाकई मजा आ गया’

वाकई मजा आ गया। बहुत बड़ा चैलेंज था। पुलिस हेडक्वार्टर खास करके डीजीपी साहब कभी भी इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी तल्ख नहीं हुए। टीम में जिसको जो जवाबदेही दी गई, बखूबी निभाया। टीम को एक नई ऊर्जा मिली है। – मनोज कुमार, एसएसपी

सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। इस टीम में शामिल था। बहुत ही बड़ी घटना थी। बहुत ही फास्ट एक्शन हुआ। एसएसपी साहब के कुशल नेतृत्व में जो कुछ भी उपलब्धि मिली, पूरे सर्विस में याद रखने लायक है। गौरव पांडे, डीएसपी पूर्वी

उपलब्धि : मुजफ्फरपुर पुलिस की वह टीम जिसने महज 5वें दिन कर दिया लूटकांड का खुलासा

मन को बड़ा सुकून मिल रहा है। घटना के बाद वैज्ञानिक जांच से लेकर लगातार छापेमारी की। सोना बरामदगी के बाद रिलैक्स महसूस कर रहा हूं। -विमलेश चंद्र झा, एडिशनल एसपी

इस कांड में छानबीन का नेतृत्व करने पर एक नया अनुभव हासिल हुआ। कई बार लगा कि सोना बरामद नहीं होगा। टीम असफल हो जाएगी। कोई सुराग नहीं मिल रहा था, लेकिन अधिकारी ने हिम्मत नहीं हारी और छोटी-छोटी सूचनाओं को खंगालकर आगे बढ़ते गए। -राकेश कुमार, सिटी एसपी

36 घंटे से ज्यादा समय तक छापेमारी विभिन्न जिलों में करने के बाद भी थकान महसूस नहीं हो रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में सोना बरामदगी से एक नई ऊर्जा मिली है। यह हमारे लिए बड़ी सफलता है। -धनंजय कुमार, इंस्पेक्टर

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अभिषेक के घर के पास पहली बार कुछ नहीं मिला। लगा तीन दिन की मेहनत बेकार चली गई। इसी बीच सटीक सूचना आ गई। पहले एक इंस्पेक्टर व एक दारोगा आगे बढ़े। तलाशी अभियान में सोना से भरा बैग मिलने पर अहसास ही कुछ अलग था। – मुकुल रंजन, नगर डीएसपी

अभिषेक के घर को एक बार खंगाल लेने के बाद भी जब सोना नहीं मिला तो टीम निराश हो गई। तभी एक व्यक्ति ने नीले रंग के ट्राली बैग में छिपाए गए गहने की सटीक जानकारी टीम को दी। इस सूचना के आधार पर घर को खंगाला तो एक साथ 24 किलो से अधिक सोना बैग में मिल गया। – मो. शुजाउद्दीन, इंस्पेक्टर

Input : Dainik Bhaskar