मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा के पास स्थित सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा तक एनएच-22 के चौड़ीकरण की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के लिए वन विभाग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी कर दिया है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता खुल गया है। अनुमान है कि फोरलेन निर्माण का काम सितंबर से शुरू हो सकता है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) इस परियोजना को हाईब्रिड एन्यूटी मोड (एचएएम) के तहत लागू करेगा। इसके लिए मुख्यालय स्तर से पहले ही निविदा जारी कर दी गई है और जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

82.55 किमी सड़क का होगा फोरलेन विस्तार
एनएचएआई की मुजफ्फरपुर परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के अधिकारियों के अनुसार पहले इस परियोजना को करीब 90 किलोमीटर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3590.79 करोड़ रुपये थी। हालांकि फिलहाल मुख्यालय से 2831.42 करोड़ रुपये की लागत से 82.551 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन से चार लेन में बदलने की स्वीकृति दी गई है। नई सड़क 22 मीटर चौड़ी होगी, जिसमें चार लेन के साथ दो मीटर चौड़ा डिवाइडर भी बनाया जाएगा।

जमीन अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया पूरी
परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है। प्रभावित रैयतों को मुआवजा भी पिछले वर्ष ही दिया जा चुका है, जिससे निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा की संभावना कम हो गई है।

ढाई साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
पीआईयू अधिकारियों ने बताया कि कार्यादेश जारी होने के बाद करीब 910 दिनों यानी लगभग ढाई वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
व्यापार और आवाजाही को मिलेगा बढ़ावा
मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक फोरलेन सड़क बनने से सीतामढ़ी और आसपास के जिलों के बीच यातायात काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही नेपाल के साथ सड़क संपर्क और मजबूत होगा, जिससे सीमा पार व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
Input : Hindustan










