मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड के जैंतपुर ग्राम निवासी युवा साहित्यकार अंकित सिद्धान्त को राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती के अवसर पर झांसी में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में “राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त लेखक सम्मान – 2026” से सम्मानित किया गया।
झांसी के दीनदयाल उपाध्याय जिला सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति एवं वैचारिक लेखन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया।
अंकित सिद्धान्त मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड के जैंतपुर निवासी श्री मनोज कुमार सिंह एवं श्रीमती उदिता सिंह के सुपुत्र हैं। उन्हें साहित्यिक संस्कार अपने पारिवारिक परिवेश से विरासत में प्राप्त हुए। उनके पितामह स्वर्गीय तारकेश्वर प्रसाद सिंह भी साहित्य के गंभीर अध्येता एवं सृजनधर्मी व्यक्तित्व थे। उनकी अनेक साहित्यिक पांडुलिपियाँ आज भी अप्रकाशित रूप में परिवार के पास सुरक्षित हैं।
अंकित सिद्धान्त ने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय, मुज़फ्फरपुर से बारहवीं तक पूरी की तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति, साहित्य और सृजनात्मक लेखन के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अंकित सिद्धान्त को इससे पूर्व भी साहित्य, संस्कृति एवं युवा लेखन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए देश की अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
इस उपलब्धि पर मुज़फ्फरपुर के सांसद एवं केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, केन्द्रीय विद्यालय, मुज़फ्फरपुर की प्राचार्या सुश्री रूपाली परिहार, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों तथा शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

