मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से निकलकर ब्रिटेन की राजनीति में अहम मुकाम हासिल करने वाले कनिष्क नारायण ने एक नया इतिहास रच दिया है। दामूचक की गलियों में बचपन बिताने वाले कनिष्क ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) सरकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मंत्री के रूप में शपथ लेकर अपने गृह जिले और देश का नाम रोशन किया है।

मंगलवार को प्रधानमंत्री के अनुमोदन के बाद कनिष्क नारायण ने मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय मूल के एक युवा नेता का इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मुजफ्फरपुर से शुरू हुआ सफर
कनिष्क नारायण का जन्म मुजफ्फरपुर के दामूचक स्थित सोंधो हाउस में हुआ था। शुरुआती शिक्षा उन्होंने शहर में ही प्राप्त की और तीसरी कक्षा तक यहीं पढ़ाई की। इसके बाद लगभग 12 वर्ष की उम्र में वे अपने माता-पिता के साथ ब्रिटेन चले गए।
उनके पिता संतोष कुमार और माता चेतना सिन्हा वेल्स की राजधानी कार्डिफ में सालिसीटर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनके बड़े भाई गौतम नारायण लंदन में चिकित्सक हैं।

विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों से की पढ़ाई
ब्रिटेन पहुंचने के बाद कनिष्क ने ईटन कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

पहली बार सांसद, अब कैबिनेट मंत्री
साल 2024 के आम चुनाव में कनिष्क नारायण ने लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में वेल्स की वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से जीत दर्ज कर हाउस ऑफ कॉमंस में प्रवेश किया। सांसद बनने के करीब दो वर्ष बाद उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया है।

फरवरी में आए थे अपने पैतृक घर
करीब 25 वर्षों बाद फरवरी 2026 में कनिष्क निजी दौरे पर मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने पैतृक आवास पर परिजनों से मुलाकात की थी। अब उनकी नई उपलब्धि के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।

शिक्षाविदों ने जताई खुशी
कनिष्क नारायण, एसकेजे लॉ कॉलेज के निदेशक जयंत कुमार के भतीजे हैं। उनकी उपलब्धि पर कॉलेज परिवार सहित कई शिक्षाविदों और सामाजिक हस्तियों ने उन्हें बधाई दी। सभी ने इसे मुजफ्फरपुर और बिहार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि कनिष्क की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है।










