बिहार एसटीएफ ने शनिवार सुबह एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के वांटेड हार्डकोर नक्सली कमांडर उमाशंकर साहनी को शिवहर जिले के तरियानी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव से गिरफ्तार किया है। उमाशंकर को उसके घर से दबोचा गया।

एसटीएफ ने गिरफ्तार नक्सली को मीनापुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जहां पूछताछ के बाद उसे पांच साल पुराने मामले में जेल भेज दिया गया। बताया गया कि उमाशंकर पर मुजफ्फरपुर जिले में नक्सल गतिविधियों से जुड़े चार गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, डकैती, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से संबंधित आरोप शामिल हैं।

2020 के गंगटी चौक कांड से जुड़ा मामला

एसटीएफ के अनुसार, 8 जून 2020 को तत्कालीन मीनापुर थानेदार को सूचना मिली थी कि गंगटी चौक पर माओवादी लेवी वसूली के लिए जुटे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की। माओवादी वहां से फरार हो गए, लेकिन दो हार्डकोर नक्सली — रघु राय और संजीव कुमार — को मौके से गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया था कि वे जेल में बंद तीन सबजोनल कमांडरों — लालबाबू सहनी उर्फ भास्कर, उमाशंकर सहनी, और मुनचुन साह उर्फ रौशनजी — के निर्देश पर लेवी वसूली करने आए थे। पुलिस ने उस दौरान मौके से 20 हजार रुपये नगद, लेवी वसूली के पर्चे और नक्सली साहित्य बरामद किया था।

रघु राय और संजीव के बयान के आधार पर अन्य नक्सली नेताओं — विजय पासवान उर्फ कर्ण, सुखारी महतो उर्फ रविंद्र महतो, रामबाबू पासवान उर्फ धरजजी उर्फ नेताजी, सुरेंद्र राम उर्फ जयंतजी, और आलोक कुमार उर्फ विपुल — को भी इस केस में नामजद किया गया था।

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि उमाशंकर साहनी की गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। उसकी गतिविधियों और संपर्कों को लेकर पुलिस अब विस्तृत पूछताछ कर रही है, ताकि संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

Input : Hindustan

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