बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार, कैबिनेट ने 4 बड़े प्रस्तावों को दी मंजूरी

पटना, 13 मई 2026 — बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। उद्योग विभाग से जुड़े इन फैसलों को राज्य की औद्योगिक नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से बिहार में निवेश का माहौल और मजबूत होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं प्रशिक्षण के नए अवसर तैयार होंगे।

वैशाली में बनेगा NIFTEM संस्थान
कैबिनेट ने वैशाली जिले में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र की 100 एकड़ भूमि राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। यह भूमि 1243.45 एकड़ में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना का हिस्सा है।

इस संस्थान के खुलने से बिहार के युवाओं को फूड प्रोसेसिंग और खाद्य तकनीक के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही राज्य में फूड प्रोसेसिंग उद्योग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। भूमि चयन पर अंतिम निर्णय लेने के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, बिहार के निदेशक पर्षद को अधिकृत किया गया है।

BIIPP-2025 की अवधि बढ़ी, निवेशकों को मिलेगी राहत
राज्य सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP)-2025 की अवधि 30 जून 2026 तक बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही BIIPP-2025 और BIIPP-2016 में कई अहम संशोधन भी किए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत अब परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए माइलस्टोन आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं मेगा उद्योगों के लिए परियोजना लागत सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ कर दी गई है। इसके अलावा भूमि आवंटन नियमावली में बदलाव करते हुए BIADA को 30, 60 और 90 वर्षों की अवधि के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटन करने की अनुमति दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी और राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

MSME क्लस्टर विकास योजना में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना में संशोधन करते हुए इसका नाम अब “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना” कर दिया है।

नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तरीय समिति को अधिक सशक्त और समावेशी बनाया गया है। साथ ही BIADA औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) स्थापित करने के लिए BIADA को विशेष उपक्रम (SPV) नामित किया गया है। इससे MSME इकाइयों की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी।

पटना में नमस्ते इंडिया लगाएगी डेयरी उत्पादन इकाई
पटना के सिकंदरपुर बिहटा क्लस्टर में मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड (नमस्ते इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा करीब ₹97.17 करोड़ की लागत से डेयरी उत्पादन इकाई स्थापित की जाएगी। इस निवेश प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

प्रस्तावित इकाई में फुल क्रीम मिल्क, टोन्ड मिल्क, दही, छाछ और बटर का उत्पादन होगा। इस परियोजना से राज्य की डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी और लगभग 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

सरकार ने बताया औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम
उद्योग विभाग के सचिव सह BIADA के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत ये प्रस्ताव बिहार में औद्योगिक निवेश, MSME विकास, फूड प्रोसेसिंग और कौशल विकास को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि NIFTEM और डेयरी परियोजना जैसी पहलें युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

सरकार के अनुसार, ये फैसले बिहार को उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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