बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक और जनहितकारी घोषणा करते हुए आशा और ममता कार्यकर्ताओं के लिए खुशखबरी दी है। उन्होंने इन दोनों वर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान का सम्मान बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि वर्ष 2005 में सरकार गठन के बाद से उनकी प्राथमिकता स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना रही है। उन्होंने लिखा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती में आशा और ममता कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। इसी योगदान को देखते हुए अब आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह किया गया है। वहीं, ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव मिलने वाली राशि को ₹300 से बढ़ाकर ₹600 कर दिया गया है।

नीतीश कुमार का मानना है कि इस निर्णय से इन कार्यकर्ताओं का उत्साह और मनोबल दोनों बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों में मुख्यमंत्री ने कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं। 17 जुलाई को उन्होंने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी। वहीं 16 जुलाई को शिक्षा विभाग को आदेश दिया गया था कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की खाली पदों की शीघ्र गणना कर TRE-4 परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन को भी ₹6,000 से बढ़ाकर ₹15,000 मासिक कर दिया गया है।









