नुसरत जहां ने की मां दुर्गा की पूजा तो उलेमा भड़के, कहा- उन्‍हें अपना नाम बदल लेना चाहिए
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नुसरत जहां ने की मां दुर्गा की पूजा तो उलेमा भड़के, कहा- उन्‍हें अपना नाम बदल लेना चाहिए

Santosh Chaudhary

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अभिनेत्री एवं टीएमसी सांसद नुसरत जहां की पति निखिल जैन के साथ दुर्गा पंडाल में पूजा अर्चना करने की रिपोर्टों से भड़के उलेमाओं ने कहा है कि यदि नुसरत इस्‍लाम को नहीं मानती हैं तो उन्‍हें अपना नाम बदल लेना चाहिए। देवबंदी उलेमा ने कहा कि इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना हराम है। फ‍िर नुसरत जहां गैर मजहबी काम क्‍यों कर रही हैं। यदि नुसरत जहां को गैर-मजहबी काम ही करने हैं तो वह अपना नाम बदल लें।

देवबंदी उलेमा ने कहा कि नुसरत जहां ने यह काम पहली बार नहीं किया है। वह इससे पहले भी पूजा कर चुकी हैं। इस बार उन्‍होंने नवदुर्गा की पूजा की है। मैं समझता हूं कि इस तरह का अमल इस्लाम में जायज नहीं है। उन्‍हें इससे परहेज करना चाहिए। इस तरह के काम करके वह इस्लाम और मुसलमानों की तौहीन कर रही हैं। बता दें कि इससे पहले भी नुसरत जहां पूजा समारोह में जाने, संसद में साड़ी-सिंदूर और मॉर्डन कपड़े पहनने को लेकर आलोचकों के निशाने पर आ चुकी हैं।

दरअसल, रविवार को दुर्गाष्टमी के मौके पर नुसरत जहां माथे पर बिंदी, मांग में सिंदूर लगाकर अपने पति निखिल जैन के साथ कोलकाता के पंडाल में माता दुर्गा की पूजा करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्‍होंने ढोल पर नृत्‍य भी किया था। इस पूजापाठ की तस्‍वीरें और वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नुसरत अपने पति निखिल जैन के साथ ढाक बजाती नजर आ रही हैं। यही नहीं फोटो में नुसरत जहां का पारंपरिक लुक भी शानदार नजर आ रहा है।

लाल साड़ी, मांग में सिंदूर और माथे पर बिंदी लगाए नुसरत जहां फोटो में काफी खूबसूरत लग रही हैं। नुसरत जहां के अलावा उनके पति निखिल जैन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडलर के जरिए एक वीडियो साझा किया था। वीडियो पोस्ट करते हुए निखिल ने लिखा कि पत्नी नुसरत के साथ पहली बार ढाक बजाते हुए…’ इसके अलावा निखिल ने नुसरत के साथ एक फोटो भी साझा की थी। इसमें दोनों दुर्गा मां की प्रतिमा के पास खड़े दिखाई दे रहे हैं।

इससे पहले वह रक्षा बंधन की फोटो की वजह से ट्रोल हुई थीं। नुसरत ने तब इंस्टाग्राम पर जो तस्वीरें पोस्‍ट की थीं उनमें वह राखी बंधवाती नजर आ रही हैं। इसे लेकर ट्रोलर्स ने कहा था कि मुस्लिम होने के नाते नुसरत को राखी नहीं बंधवानी चाहिए थी। कुछ लोगों ने यहां तक कहा था कि नुसरत अब मुस्लिम से हिंदू बन चुकी हैं। उन्होंने ईद से जुड़ी कोई तस्वीर पोस्ट नहीं की थी। इससे पहले वह बोल्‍ड तस्‍वीरें शेयर करके ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई थीं।

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जन्मदिन विशेष: भारत में तकनीकी विकास में अभूतपूर्व योगदान देने वाले सबके प्रिय इंसान थे एपीजे कलाम

Ravi Pratap

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उनका प्रारंभिक जीवन बहुत ही गरीबी में गुजरा था, लेकिन उन्होंने अपने शिक्षक इयादुराई सोलोमन की कही गई एक बात को गांठ बांध लिया था और उसी के सहारे उन्होंने दुनियाभर में अपने काम और नाम का डंका बजवाया। उनके शिक्षक ने कहा था ‘जीवन में सफलता और अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए तीव्र इच्छा, आस्था, अपेक्षा इन तीन शक्तियों को भलीभांति समझ लेना और उन पर प्रभुत्व स्थापित करना चाहिए।’

कलाम ने वर्ष 1950 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक किया था। स्नातक करने के बाद उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिये भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में प्रवेश किया। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद कई मुकाम हासिल करते गए।

साल 1962 में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से जुड़े, जहां उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभाई। उन्हीं के निर्देशन में भारत ने अपना स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बनाया था। अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलों के निर्माण के सूत्रधार भी वही थे।

इसके बाद साल 1998 में भारत ने रूस के साथ मिलकर सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने का काम शुरू किया और ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई। ब्रह्मोस मिसाइल धरती, आकाश और समुद्र कहीं से भी हमला करने में सक्षम है। मिसाइलों के क्षेत्र में भारत को मिली इस अद्भुत सफलता के बाद ही अब्दुल कलाम को मिसाइल मैन के नाम से जाना जाने लगा।

भारत के मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दुनिया से रूख्सत हुए आज तीन साल हो गए हैं। वर्ष 2015 में आज (27 जुलाई) ही के दिन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) शिलौंग में ‘रहने योग्य ग्रह’ विषय पर एक व्याख्यान के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह एक जाने-माने वैज्ञानिक, अभियंता (इंजीनियर) और शिक्षक थे। उन्होंने 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाई थी।

भारत रत्न से हो चुके हैं सम्मानित

देश के प्रति उनके समर्पण और भारत में तकनीकी के विकास में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए साल 1997 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। हालांकि इससे पहले वो साल 1981 में देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण और साल 1990 में पद्म विभूषण पा चुके थे। बता दें कि भारत का राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न पाने वाले अब्दुल कलाम देश के तीसरे राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले यह सम्मान सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन ने हासिल किया था।

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तेजस एक्सप्रेस में आप भी बैंड बाजे के साथ धूमधाम से ले जा सकेंगे बारात, बस करना होगा ये एक काम

Ravi Pratap

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देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में बरात ले जाने के लिए आसानी से पूरा कोच बुक करा सकते हैं। रेलवे की ट्रेनों की तरह कोच बुक कराने के लिए एक सप्ताह का समय नहीं लगेगा। न ही लंबी कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सिर्फ 48 घंटे पहले आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि से संपर्क करें और मिनटों में उस दिन के किराये के हिसाब से कोच में बुक सीटों का किराया जमा कर कोच बुक करा लें। दो माह पहले बुकिंग कराने पर प्रति सीट सामान्य किराया ही अदा करना होगा। कानपुर से दिल्ली तक चेयर कार का सामान्य किराया 1000 और एग्जीक्यूटिव का 2015 रुपये है। तेजस के यात्रियों की तरह ट्रेन से जा रहे बरातियों को नाश्ता, पानी और खाने का इंतजाम भी होगा।

एक साथ छह कोच भी बुक करा सकते हैं, तेजस एक्सप्रेस में लखनऊ और कानपुर से गाजियाबाद और दिल्ली और दिल्ली व गाजियाबाद से कानपुर और लखनऊ तक कोच बुक कराया जा सकता है। इस ट्रेन में छह कोच बुक कराए जा सकते हैं। इस ट्रेन में मौजूदा समय में 12 कोच लगे हैं। इसमें नौ चेयरकार, एक एक्जीक्यूटिव कार कोच और दो पॉवर कार (जनरेटर यान) हैं। एक से लेकर छह कोच तक बुकिंग लखनऊ और कानपुर दोनों जगहों से हो सकती है।

कैसे बुक कराएं तेजस के कोच
आईआरसीटीसी के लखनऊ या कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने कार्यालय से सीधे जाकर कोच बुक करा सकते हैं। जिस दिन के लिए कोच बुक कराने हैं, उसके 48 घंटे पहले बुकिंग करानी होगी। सेंट्रल स्टेशन पर आईआरसीटीसी के स्टेशन ऑफिसर अमित सिन्हा और वरुण गोयल से संपर्क करें।

जिस दिन के लिए कोच लेना हो, उस दिन का आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर प्रदर्शित किराये के आधार पर सीटें बुक होंगी। पांच चेयरकार और एक एक्जीक्यूटिव कार की बुकिंग हो सकती है। अभी ट्रेन में नौ चेयरकार और एक एक्जीक्यूटिव क्लास है।

तेजस एक्सप्रेस में कोच बुक कर ले जाएं बरात
अलग से कोच लेने के लिए 80 प्रतिशत सीटें कम से कम बुक करानी होंगी। चेयरकार में कुल 78 सीटों में 64 सीटें लेनी होंगी। बाकी 14 सीटें दूसरे यात्रियों को दे दी जाएंगी। चाहें तो पूरी 78 सीटें भी ले सकते हैं। यही व्यवस्था एक्जीक्यूटिव कार की 56 सीटों के लिए भी है। बिना कोच बुक कराए ग्रुप बुकिंग भी कराई जा सकती है। जैसे आप एक कोच में 40 सीटें बुक कराते हैं, तो बाकी की सीटें आईआरसीटीसी अन्य यात्रियों के लिए बुक कर देगा।

कोच बुकिंग मे रेलवे से आसानी
अगर कोई यात्री रेलवे की ट्रेनों में कोच बुक कराना चाहे तो कुछ दिक्कतें आती हैं। मसलन संबंधित अधिकारी (कानपुर में डिप्टी सीटीएम स्तर के अधिकारी) को आवेदन देना होगा। इस पर बुकिंग वाले दिन ट्रेन में सीटों की उपलब्धता देखी जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि किस ट्रेन में अलग से कोच लगाया जा सकता है। अनुमति मिलने पर कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है। इसलिए एक सप्ताह पहले ही संपर्क करना होती है। इसमें एक्स्ट्रा कोच ट्रेन में सबसे पीछे लगता है।

Input : Amar Ujala

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700 पुलिसवाले लगे 200 CCTV खंगाले, 24 -घंटे में PM की भतीजी का बैग छीनने वाले पकड़े, जनता ने पूछा हमारा नंबर कब आएगा

Ravi Pratap

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी दमयंती बेन मोदी से एलजी हाउस के पास शनिवार सुबह पर्स छीनने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पूरा सामान भी बरामद कर लिया है। यह मामला महज दो दिनों के भीतर पूरी तरह से सुलझ गया और आरोपी शिकंजे में आ गए। सूत्रों के मुताबिक इस हाईप्रोफाइल केस को सुलझाने में 700 पुलिसकर्मी लगे थे। स्नैचरों की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिली थी।

उनके रूट मैप को चेक करने के लिए पुलिस ने 200 CCTV की फुटेज खंगाली। इस तरह पुलिस हरियाणा के सोनीपत पहुंची और वारदात खुली। गिरफ्तार आरोपियों में सदर बाजार निवासी गौरव (21) है, जो सोनीपत में रिश्तेदार के यहां छिपा था। उसने स्नैचिंग में इस्तेमाल स्कूटी सुल्तानपुरी में मौसी के यहां रखी थी। दूसरे आरोपी बादल उर्फ आकाश (22) को सुल्तानपुरी से पकड़ा गया। इसके पास से दमयंती बेन की घड़ी और छिनैती में गए दस्तावेज बरामद हुए हैं।

इस घटना के बहाने दिल्ली में राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने स्नैचिंग के लिए घुसपैठियों को जिम्मेदार ठहराया तो सीएम अरविंद केजरीवाल ने जवाब देते हुए कहा है कि दोषी बाहरी हो या अंदरूनी, सबको सजा मिलनी चाहिए।

आम लोग बोले, हमारा नंबर कब आएगा

पीएम की भतीजी संग स्नैचिंग के मामले में पुलिस की तेजी को देखते हुए अब आम लोग अपने मामलों का जिक्र कर रहे हैं। आम लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने मामलों का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस से पूछा कि उनके केस कब सॉल्व होंगे। पिछले महीने कनॉट प्लेस इलाके में बदमाशों ने एक दंपती से गन पॉइंट पर लूट की थी।

इस कपल ने लिखा कि हमारे मामले में पुलिस को 24 दिन बाद भी अपराधियों का सुराग नहीं मिला, जबकि पीएम की भतीजी से स्नैचिंग में आरोपी 24 घंटे में अरेस्ट हो गया। शम्मी भूषण ने लिखा कि मेरा फोन 29 सितंबर को छीना गया था। सीसीटीवी फुटेज से कुछ संदिग्धों की पहचान हुई। फोन की लास्ट लोकेशन भी पता चली, लेकिन इससे आगे केस नहीं बढ़ा।

Input : Navbharat Times

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