बिहार के खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय खेल एवं युवा मामले के मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बिहार में तलवारबाजी के लिए ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर खोलने पर मौखिक सहमति दे दी है। यह घोषणा बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सामने आई।

बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने आज बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण, उप निदेशक हिमांशु सिंह तथा राज्य के दो खेल सलाहकारों के साथ केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और राज्य मंत्री रक्षा एन. खडसे से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।

बैठक के दौरान श्रेयसी सिंह ने बिहार सरकार द्वारा खेलों के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की उभरती पहचान को लेकर किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेल आधारभूत संरचना, प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास पर लगातार काम कर रही है।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बिहार के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बिहार में खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग देगी। इसी क्रम में बिहार में ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिस पर उन्होंने तलवारबाजी के लिए ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की सहमति प्रदान की।

डॉ. मनसुख मंडाविया ने जनवरी माह में आयोजित होने वाले खेल मंथन शिविर में शामिल होने के लिए बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण को औपचारिक आमंत्रण भी दिया। इस शिविर में मिशन ओलंपिक के तहत देशभर में अधिक से अधिक ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर खोलने और ओलंपिक पदक जीतने की रणनीतियों पर खेल विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ मंथन किया जाएगा।

इसके अलावा, श्रेयसी सिंह ने मई माह में चीन में होने वाले स्पोर्ट्स एक्सपो में भाग लेने का प्रस्ताव भी केंद्रीय खेल मंत्री के समक्ष रखा, जिसे डॉ. मनसुख मंडाविया ने तुरंत स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि इस एक्सपो में केंद्र और बिहार सरकार के अधिकारियों की संयुक्त टीम भाग लेगी।

राज्य मंत्री रक्षा एन. खडसे ने विशेष रूप से स्कूल स्तर पर खेल संस्कृति के विकास, प्रतिभा पहचान, बच्चों के स्वास्थ्य, फिटनेस और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मजबूत खेल आधार की शुरुआत स्कूल स्तर से ही होनी चाहिए।
बैठक के अंत में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने डॉ. मनसुख मंडाविया और रक्षा खडसे को मधुबनी पेंटिंग से सुसज्जित साड़ी, अंगवस्त्र और बोधि वृक्ष का प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
इस पहल को बिहार के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।







