बिहार: ‘किसान चाची’, मनोज वाजपेयी, भागीरथी देवी, ज्योति कुमार व गोदावरी दत्त को पद्मश्री

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राष्ट्रपति भवन में सोमवार को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्म पुरस्कार के लिए चुने गए लोगों के नामों की घोषणा की. जहां इस साल पद्म पुरस्कारों के लिए चुने गए 112 शख्सियतों में से 56 लोगों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया. जिसमें बिहार से कई नामचीन हस्तियों को ‘पद्म’ पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. भाजपा सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को पद्म भूषण सम्मान दिया गया.

वहीं, फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी को पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया. इसके अलावा बिहार से राजकुमारी देवी, भागीरथी देवी, ज्योति कुमार सिन्हा और गोदावरी दत्त को भी पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया.

सांसद के साथ बेहतरीन वक्ता भी हैं हुकूमदेव

सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को पद्मभूषण सम्‍मान मिला है. वे मधुबनी से भाजपा सांसद हैं. सादगी के प्रतीक हुकूमदेव बाबू की पहचान उनके भाषणों से भी है. हाल ही में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से नवाजा गया था. वे समाजसेवी होने के साथ किसान भी हैं. हुकुमदेव नारायण यादव फिलहाल बिहार के मधुबनी लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद हैं. हुकुमदेव नारायण यादव को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने इसे बिहार के लिए गौरव की बात कही है.

बेहतरीन अभिनेता हैं मनोज वाजपेयी

पद्मश्री से नवाजे गए बिहार के नरकटियागंज के बेलवा के मूल निवासी मनोज वाजपेयी फिल्म और रंगमंच के शानदार अभिनेता हैं. ‘बैंडिंट क्वीन’, ‘सत्या’, ‘शूल’, ‘अलीगढ़’, ‘स्पेशल 26’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ तथा ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी है.

किसान चाची के नाम से प्रसिद्ध हैं राजकुमारी देवी

घर की दहलीज के पार खेत में कदम रख सरैया प्रखंड के आनंदपुर गांव की राजकुमारी देवी पहले ‘साइकिल चाची’ और फिर ‘किसान चाची’ बनीं. पहले उन्हें किसानश्री और अब पद्मश्री से नवाजा गया है. राजकुमारी देवी समाज के लिए आदर्श बन गई हैं. घर से बाहर कदम रखने पर जिसने ठुकराया था, वही समाज और परिवार आज उनके कारण अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

50 साल से मधुबनी पेंटिंग बना रहीं गोदावरी दत्त

मधुबनी पेटिंग की शिल्प गुरु गोदावरी दत्त मधुबनी की रहने वाली हैं. गोदावरी को मधुबनी पेटिंग को देश-विदेशों में पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा है. वह कई देशों का दौरा कर चुकी हैं. वह पिछले 50 वर्षों से मधुबनी पेटिंग के क्षेत्र में काम कर रहीं है. हाल ही में वह बिहार म्यूजियम में एक बड़ी पेटिंग उकेर कर खूब शोहरत बटोरी है. उनकी पेटिंग जापान के मिथिला म्यूजियम में भी प्रदर्शित की गई है. उन्‍हें पद्मश्री सम्‍मान मिला है.

पटना में मुसहर बच्चों को पढ़ाते हैं ज्योति कुमार

रिटायर्ड आइपीएस ज्योति कुमार सिन्हा को सोशल वर्क-अफोर्डेबल एजुकेशन के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा गया. वे मुसहर बच्चों के लिए निश्शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराते हैं. बेली रोड पर वह इंग्लिश मीडियम से कक्षा एक से 12वीं तक आवासीय विद्यालय चला रहे हैं. यहां साढ़े तीन सौ मुसहर बच्चे निश्शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. इनके द्वारा खोले गए कॉलेज का एक छात्र कौन बनेगा करोड़पति में चयनित हुआ था. कौन बनेगा करोड़पति से उसे 25 लाख रुपए का इनाम मिला है.

सफाईकर्मी से विधायक बनीं भागीरथी देवी

पद्मश्री से सम्‍मानित भागीरथी देवी रामनगर में चार बार विधायक रही हैं. क्षेत्र में उनकी पहचान उनके अच्छे कार्य से हुई. लोगों में विश्वास के साथ क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य करती रहीं. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए संघर्ष किया. अनुसूचित जाति से आने वाली भागीरथी देवी संघर्ष कर वह विधायक बनीं और समाजसेवा जारी रखी.

Input : Live Cities

Digita Media, Social Media, Advertisement, Bihar, Muzaffarpur

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