पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल ने आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रक्रिया का उपयोग करते हुए रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से मुजफ्फरपुर, खुदीराम बोस पूसा, बेगूसराय, मानसी और महेशखूट रेलवे स्टेशनों पर पार्किंग स्टैंडों के पाँच लॉट का सफल आवंटन किया है।

इस पहल से रेलवे को वार्षिक ₹1.97 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि तीन वर्षों में यह आंकड़ा लगभग ₹5.93 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा मुजफ्फरपुर जंक्शन के पार्किंग लॉट के लिए देखी गई, जिसकी एकल बोली ₹1.44 करोड़ तक पहुंची — यह इस बात का प्रमाण है कि रेलवे परिसंपत्तियों में अब निजी क्षेत्र का भरोसा और निवेश दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सोनपुर मंडल के वाणिज्य विभाग ने पूर्व तैयारी की, जिसमें प्री-बिड मीटिंग्स का आयोजन भी शामिल था। इन बैठकों में निविदाकारों को विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित हुई और बोली प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाया जा सका।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री रौशन कुमार ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कहा,
“यह केवल अनुबंध प्रक्रिया नहीं, बल्कि डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे हमें न केवल उच्च राजस्व मिला, बल्कि यात्रियों को बेहतर पार्किंग सुविधाएं भी मिलेंगी।”

वे आगे बताते हैं कि आने वाले समय में अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इसी प्रकार की ई-नीलामी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके और यात्री सुविधाओं में सतत सुधार हो।
मुख्य बिंदु:
• कुल स्टेशन : 5 (मुजफ्फरपुर, खुदीराम बोस पूसा, बेगूसराय, मानसी, महेशखूट)
• कुल पार्किंग लॉट : 5
• वार्षिक राजस्व : ₹1,97,57,033/-
• 3 वर्षों का अनुमानित राजस्व : ₹5,92,71,099/-
• सबसे ऊँची बोली : ₹1.44 करोड़ (मुजफ्फरपुर)
• प्रमुख पहल : प्री-बिड मीटिंग्स, ई-नीलामी द्वारा पारदर्शी आवंटन








