पेंशनर्स के लिए गुड न्‍यूज: घर बैठे बैंकों में ऐसे जमा करें डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

0
66

सेवानिवृत्ति के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। जीवन के इस पड़ाव पर पेंशन उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उनकी जरूरतें पूरी करने एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता करती है।

पेंशनभोगियों को सेवानिवृत्ति के बाद बैंक जैसे अधिकृत पेंशन देने वाले संस्था में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना पड़ता है। जिसके बाद ही उन्हें पेंशन दी जाती है। जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पेंशनभोगी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना पड़ता है या फिर जिस कार्यालय में वह काम करते थे वहां के प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जीवन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना पड़ता है।

पेंशन प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना और जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करना ही पेंशनभोगियों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। यह भी देखा गया है कि इसके कारण ऐसे पेंशनभोगियों को समस्या होती है जो वृद्ध और शारीरिक रूप से कमजोर हैं और जो जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए हर समय प्रमाणन प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं रह सकते।

इसके साथ ही बहुत से सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने परिवार के साथ रहने के लिए एवं कई अन्य कारणों से कहीं और रहने लगते हैं, जिसके कारण पेंशन प्राप्त करने में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने भले ही व्यवस्था कर दी हो पर भी जागरुकता का अभाव है।

ऐसे पेंशनधारियों के लिए यह अनूठी व्यवस्था की गई है कि आंख व अंगूठा ही उनके जीवन का प्रमाण दे देगा। उन्हें बैंकों एवं केंद्र व राज्य सरकारों के दफ्तर का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं है। घर बैठे मोबाइल से ही ऐसे पेंशनधारी बैक को अपने जीवन का प्रमाण दे देंगे और खाते में उनके पेंशन की राशि चली आएगी। आइए, जानते हैं क्या है, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की पूरी व्यवस्था।

पेंशन व्यवस्था को सुविधाजनक व आसान बनाने को जीवन प्रमाण  

जीवन प्रमाण एक वेबसाइट जो एक नई विंडो में खुलती है। योजना का उद्देश्य जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर इसे आसान बनाना है। इस पहल से अब पेंशनभोगियों को संवितरण एजेंसी और प्रमाणन प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं रहना होगा जो उनके लिए लाभदायक है एवं इस तरह उन्हें अनावश्यक बाधाओं का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

केंद्र, राज्य व अन्य सरकारी संस्थाओं के लोग ही उठा सकते हैं लाभ 

बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है का लाभ केंद्र, राज्य सरकार और अन्य सरकारी संस्थाओं के पेंशनभोगी उठा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने किया था लॉन्च  

देश में सेवानिवृत लोगों की समस्याओं को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) नाम की योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेशनधारियों की इस महत्वाकांक्षी योजना को लॉच किया था। इसका मकसद जीवन प्रमाण पत्र की व्यवस्था को सरल करना है।

जीवन प्रमाण पत्र बायोमीट्रिक डिजिटल सेवा 

जीवन प्रमाण पेंशनभोगियों के लिए बायोमीट्रिक डिजिटल सेवा है। यह पूरी प्रक्रिया को डिजिटलाइज्ड करके पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाण पत्र को सुरक्षित करने में मदद करने की पहल है।

शारीरिक रुप से प्रस्तुत करने की नहीं होगी जरुरत 

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पेशन प्राप्त करने वाली एजेंसी या प्रमाणन प्राधिकरण के सामने पेंशनधारियों को शारीरिक रुप से प्रस्तुत करने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

से काम करता है जीवन प्रमाण 

यह पेंशनभोगी के बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण आधार के आधार पर करता है। इससे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनता है। यह लाइफ सर्टिफिकेट रिपोजिटरी में संग्रहित होता है। पेशन वितरण एजेंसियां ऑनलाइन प्रमाण पत्र का उपयोग कर सकतीं हैं।

जीवन प्रमाण पत्र कें लिए पहले एप करना होगा डाउनलोड 

पेंशनभोगी को जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सबसे पहले किसी व्यक्तिगत कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट या मोबाइल फोन पर अप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा। उसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।

रजिस्ट्रेशन के आवश्यक डॉक्यूमेंट 

एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए आधार संख्या, पेशन भुगतान आदेश, बैंक खाता, बैंक का नाम एवं मोबाइल नंबर जैसे आवश्यक डॉक्यूमेंट की जरुरत होगी।

आधार प्रमाणीकरण

 इसके लिए पेंशनभोगी बायोमीेट्रिक या अंगुली या आइरिस के माध्यम से खुद को प्रमाणित कर सकते हैं।

एक्सेस सर्टिफिकेट

 आधार संख्या देकर पेंशनभोगी जीवन प्रमाण वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

पेशन एजेंसी

पेशन एजेंसी जीवन प्रमाण के वेबसाइट के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र तक पहुंच सकते हैं और इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी

लाइफ सर्टिफिकेट को बगैर मैन्युअल हस्तक्षेप के, पेशन एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक रुप से दिया जा सकता है।

कहते हैं अधिकारी 

जीवन प्रमाण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पेंशनधारी इस डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग भी कर रहे हैं। हालांकि, अभी ऐसे पेशनधारकों की संख्या काफी कम है। अभी, तकनीकी रुप से दक्ष पेशनधारी ही आगे आए हैं। यह योजना पेशनधारियों के लिए काफी कारगर साबित होगा। -सुभाष कुमार झा, प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया