पटना. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की तरफ से देश के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए के बड़े आर्थिक पैकेज (Economic package) का ऐलान किया गया तो इसकी गूंज बिहार तक सुनाई दी. बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है, लिहाजा विपक्षी दलों की तरफ से केंद्र से लेकर बिहार की सरकार पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री से पांच साल पहले बिहार के लिए किए गए वादे और आर्थिक पैकेज को लेकर सवाल पूछा.

तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, 2015 में नाटकीय ढंग से बिहार के विकास के लिए 1 लाख 65 हजार करोड़ का एक भारी भरकम पैकेज घोषित किया गया था. पांच साल बाद भी हम नीतीश कुमार जी से आग्रह करते हैं कि उस बहुप्रतीक्षित पैकेज की केंद्र से प्राप्त और खर्च धनराशि पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे या उस पर एक बयान जारी करे.
2015 में नाटकीय ढंग से बिहार के विकास के लिए ₹ 1 लाख 65 हजार करोड़ का एक भारी भरकम पैकेज घोषित किया गया था।
5 साल बाद हम श्री नीतीश कुमार जी से आग्रह करते है कि उस बहुप्रतीक्षित पैकेज की केंद्र से प्राप्त और खर्च धनराशि पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे या उस पर एक बयान जारी करें। pic.twitter.com/aLmNO6iudm
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 12, 2020
इसका जिक्र उनकी तरफ से नहीं किया गया
तेजस्वी यादव के बाद उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता वगैरह बहुत अच्छी चीजें कही, लेकिन, इसका ब्लूप्रिंट क्या है, इसका जिक्र उनकी तरफ से नहीं किया गया. मनोज झा ने कहा, इस देश में इंडिया के लिए बहुत सारी बातें होती हैं, लेकिन, भारत के लिए कोई बात नहीं होती. शायद ब्लूप्रिंट पर आने वाले दिनों में कुछ काम होगा, जिससे जीविका और जीवन के बीच में जो रास्ता निकले, उस रास्ते में हम आगे बढ़ सकें. लेकिन, जिसकी ज्यादा जरूरत थी वो संदेश हमें नहीं मिला, बाकी बहुत संदेश मिले. कुछ अच्छे संदेश मिले लेकिन, वो हमारे मुल्क की 70 प्रतिशत लोगों की जिंदगी में कैसे बदलाव लाएगा, उससे कोई संबंध नहीं था. यह उचित नहीं है.

बिहार में विपक्षी पार्टी आरएलएसपी की तरफ से प्रधानमंत्री की तरफ से बीस लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के ऐलान का स्वागत किया गया. पार्टी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा, प्रधानमंत्री एक तरफ आत्मनिर्भर अभियान और देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन मेरा बिहार आत्मनिर्भर कब बनेगा. बिहार सीमित संसाधनों वाला प्रदेश है. माधव आनंद ने कहा, मैं हमेशा से मांग करते आया हूं कि बिहार को 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज दिया जाए. बिहार के लोगों को आपसे बहुत आशा है. उन्होंने इस कोरोना के संकट की घड़ी में बिहार को विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग एक बार फिर से की है.

पप्पू यादव ने भी आर्थिक पैकेज पर सवाल खड़ा किया है
पूर्व सांसद औऱ जन अधिकारी पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने भी ट्वीट कर प्रधानमंत्री के बीस लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज पर सवाल खड़ा किया है. लेकिन, बिहार में बीजेपी और एलजेपी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी की तरफ से उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से लेकर बिहार सरकार में कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने इस आर्थिक पैकेज के ऐलान का स्वागत किया. कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा, इस आर्थिक पैकेज से देश आत्मनिर्भरता की ओर जाएगा. उन्होने इस पैकेज को किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए संजीवनी बताया.

एलजेपी ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया
उधर, बीजेपी की सहयोगी एलजेपी ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, केंद्र सरकार की यह पहल भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी. लेकिन, बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू की तरफ से अभी किसी बड़ी प्रतिक्रिया का इंतजार है. विपक्षी दलों की तरफ से पांच साल पहले के बिहार के लिए दिए गए विशेष पैकेज का हिसाब मांगा जा रहा है, लिहाजा जेडीयू नेता आर्थिक पैकेज का स्वागत तो कर रहे हैं, लेकिन, किसी प्रतिक्रिया देने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार कर लेना चाहते हैं.
Input : News18



